बजट सत्र के छठे दिन भारी हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही को दिनभर के लिए स्थगित: प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर नहीं दिया जवाब,
Delhi 04 February 2026,
आज बुधवार को बजट सत्र के छठे दिन भारी हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही को दिनभर के लिए स्थगित करना पड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आज शाम पांच बजे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देना था, लेकिन विपक्षी सदस्यों के तीव्र विरोध के चलते सदन की कार्यवाही बाधित हुई और सदन स्थगित करना पड़ा।
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने सदन की कार्यवाही में हंगामे पर कहा, “आज जो हुआ उसकी तस्वीर देखकर आप हैरान रह जाएंगे… यह स्थिति कहती है कि जनता इन्हें(कांग्रेस) हरा रही है तो ये सदन में हमें(भाजपा) बोलने नहीं देंगे। देश को इतना बड़ा गौरव प्राप्त हुआ है लेकिन तब भी वे इसका गुणगान नहीं होने देंगे और प्रधानमंत्री मोदी को बोलने नहीं देने के लिए ये सब कर रहे हैं। देश सब देख रहा है और देश कांग्रेस से इसका जवाब मांगेगा।
उन्होंने आगे कहा, “वे(राहुल गांधी) एक ऐसी पुस्तक का हवाला दे रहे थे जो अभी तक प्रकाशित नहीं हुई है लेकिन निशिकांत दुबे ने उस पुस्तक का हवाला दिया जो कि प्रकाशित है।
एलजेपीआर सांसद राजेश वर्मा ने भी आरोप लगाया कि विपक्षी सांसद सदन के भीतर बैनर-पोस्टर लेकर इस तरह दौड़ रहे थे मानो वे सड़क पर हों। उनके मुताबिक, विपक्षी महिला सांसद प्रधानमंत्री के बैठने के स्थान से मात्र दो कतार पीछे तक पहुँच गई थीं, जिससे हाथापाई जैसी असहज स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
इन आरोपों के जवाब में कांग्रेस की महिला सांसदों ने अपना पक्ष रखा। कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने स्पष्ट किया कि वे और उनके साथी प्रधानमंत्री की ओर नहीं, बल्कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की ओर बढ़े थे। विपक्ष का आरोप है कि वे निशिकांत दुबे द्वारा महिलाओं के संबंध में दी गई किसी टिप्पणी का विरोध कर रहे थे। गायकवाड़ के अनुसार, जब उन्होंने दुबे से जवाब मांगा, तो वे वहां से जाने लगे। हालांकि, सदन स्थगित होने के बाद भी वेल (सदन के बीच का हिस्सा) में काफी तनाव बना रहा, जहां विपक्षी सांसद पोस्टर लेकर डटे रहे। दीपेंद्र हुड्डा के हस्तक्षेप के बाद विपक्षी सदस्य वापस लौटे,।
राहुल गांधी के बयान पर हुआ हंगामा, बजट सत्र की शुरुआत से ही सदन में काफी हंगामा हो रहा है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी भारत-चीन सीमा विवाद पर पूर्व सेना प्रमुख नरवणे की अप्रकाशित किताब से कुछ अंश पढ़ना चाहते थे, लेकिन उन्हें ऐसा करने की इजाजत नहीं दी गई। इससे विवाद बढ़ गया और संसदीय कार्यवाही को कई बार स्थगित करना पड़ा।
इसके बाद बुधवार को बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने भी कुछ किताबों का हवाला देते हुए गांधी-नेहरू परिवार के बारे में टिप्पणी की जिससे हंगामा और बढ़ गया।
