August 8, 2026

स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भ्रष्टाचार, परिवारवाद और भाई-भतीजावाद देश के सामने बड़ी चुनौतियां बताने पर विपक्षी दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

देहरादून 17 अगस्त 2022,

दिल्ली: स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में, भ्रष्टाचार, परिवारवाद और भाई-भतीजावाद देश के सामने बड़ी चुनौतियां बताते हुए विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। प्रधानमंत्री के

इस टिप्पणी पर विपक्षी दलों ने एतराज जताया है और कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

जेडीयू नेता राजीव रंजन ने कहा, 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री को घोषणाएं करनी थी, नयी योजनाओं का ऐलान करना था, उसकी जगह उन्होंने राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधने के लिए आज के दिन का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में “कैसे मुख्यमंत्री का बेटा मुख्यमंत्री बनाया जाता है इसका उदाहरण है बसवराज बोम्मई। वो कभी जनता पार्टी से बड़े नेता थे, आज उनके बेटे बीजेपी से कर्नाटक के मुख्यमंत्री हैं।”

राजीव रंजन ने लगभग दो दर्जन भाजपा नेताओं के नाम की सूची दिखाते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेताओं नहीं कहना चाहिए कि वो वंशवाद के विरोधी हैं। रंजन ने नाम बताया कि, शुभेन्दु अधिकारी जिनके पिता शिशिर अधिकारी दोनों ही भाजपा के नेता है। अनुराग ठाकुर, धर्मेन्द्र प्रधान और उनके पिता भी भाजपा के बड़े नेता थे, पियूष गोयल और उनके पिता भी भाजपा के मंत्री थे।”

कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी स्वतंत्रता दिवस पर दिये प्रधानमंत्री के बयान को ‘नार्सिसिज्म’ करार देते हुए आलोचना की है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि पीएम मोदी ने जो कुछ राजनीतिक मुद्दे उठाए वह भाजपा का ‘आंतरिक’ मामला होना चाहिए।

 

 

 

 

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