June 25, 2026

Demolishing slums without rehabilitating the residents is inhumane, cruel and one-sided Rajeev Maharshi.

देहरादून, उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता राजीव महर्षि ने देहरादून की नदियों के किनारे 2016 के बाद बनी मलिन बस्तियों के निवासियों का पुनर्वास किए बिना ध्वस्तीकरण किए जाने को अमानवीय , क्रूरतम और एकतरफा कार्यवाही बताया है। नदी किनारे बसे लोगों को बेघर किया जाना न सिर्फ अमानवीय है बल्कि राज्य सरकार की नाकामी भी है। पुनर्वास का प्रावधान जेएनयूआरएम योजना में था लेकिन सरकार के रवैए से लगता है इस प्रावधान को ताक पर रख दिया गया है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि, यह मानवीय दृष्टि से बेहद दुखद घटनाक्रम है। महर्षि ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अतिक्रमण का किसी भी स्तर पर समर्थन नहीं करती है किंतु जो लोग ठगे गए हैं, मानवता के नाते उनका पुनर्वास किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि जब ये मलिन बस्तियां आकार ले रही थी, तब सरकारी तंत्र सो क्यों रहा था? इस दृष्टि से पूरी तरह से सिस्टम दोषी है और साथ में वे लोग भी जिन्होंने उन्हें अपने घर का सपना दिखा कर स्टाम्प पेपर पर पट्टे की जमीन बेच दी।

राजीव महर्षि ने कहा कि यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि नदी किनारे की जमीन सौ रुपए के स्टाम्प पेपर पर बेचने वाले लोगों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई होनी चाहिए जिन्होंने लाचार गरीबों को धोखे में रख कर उन्हें आज सड़क पर लाने का पाप किया है।

महर्षि ने कहा कि मानवीय पहलू यह है कि बेघर किए गए लोगों का तत्काल पुनर्वास किया जाए और उन्हें आसान किस्तों पर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए ताकि उनके परिजनों को राहत मिल सके। कल्याणकारी राज्य का यही कर्तव्य भी होता है। खासकर रामराज्य की अवधारणा देने वालों से यह अपेक्षा स्वाभाविक भी है।

Demolishing slums without rehabilitating the residents is inhumane, cruel and one-sided Rajeev Maharshi.

 

 

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