अमेरिकी ने व्यापक सैन्य अभियान को अंजाम देकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को लिया हिरासत में,
Delhi, 04 January 2026,
अमेरिकी सेना ने व्यापक और सफल सैन्य अभियान को अंजाम देकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में लिया है।मादुरो पर आरोप था कि वो अमेरिका में नार्को-आतंकवाद के नेटवर्क का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसकी वजह से कोकीन और फेंटानिल समेत कई अवैध ड्रग्स स्मगल हो रहे थे। वेनेजुएला ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि अमेरिका के हमले का मकसद सिर्फ उनके तेल और खनिज संसाधनों पर कब्जा करना है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर किए गए अपने बयान में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने वेनेजुएला में व्यापक और सफल सैन्य कार्रवाई करते हुए वहां के़ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोर्स को हिरासत में ले लिया है।उन्होंने दावा किया कि यह ऑपरेशन अमेरिकी सेना और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के संयुक्त प्रयास से किया गया जिसके तहत मादुरो और उनकी पत्नी को देश से बाहर ले जाया गया है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मादुरो को शनिवार तड़के अमेरिकी सेना की स्पेशल मिशन यूनिट डेल्टा फोर्स ने पकड़ा। यह वही यूनिट है जिसने 2019 में इस्लामिक स्टेट के सरगना अबू बकर अल-बगदादी के खिलाफ ऑपरेशन को अंजाम दिया था।
राष्ट्रपति ट्रंप के दावे से पहले वेनेजुएला की राजधानी काराकस में तड़के सुबह तेज धमाकों की खबरें सामने आई थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शहर के कई हिस्सों में कम से कम सात जोरदार विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं. इसके साथ ही, आसमान में कम ऊंचाई पर उड़ते लड़ाकू विमानों की आवाज ने लोगों में भय का माहौल पैदा कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि इस कथित सैन्य अभियान को अमेरिकी सेना की अत्यंत गोपनीय और प्रशिक्षित इकाई द्वारा अंजाम दिया गया।
इस घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। रूस के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका की कार्रवाई को ‘सशस्त्र आक्रामकता’ करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने का समर्थन किया और कहा कि यह कदम कूटनीति के बजाय वैचारिक दुश्मनी से प्रेरित है। ईरान ने भी अमेरिकी कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि एक स्वतंत्र राष्ट्र पर सैन्य हमला अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा का गंभीर उल्लंघन है। वहीं, वेनेजुएला के रक्षा मंत्री व्लादिमीर पाद्रिनो ने कहा कि उनका देश किसी भी विदेशी सैन्य दखल का विरोध करेगा और अमेरिकी हमलों में रिहायशी इलाकों को निशाना बनाए जाने का आरोप लगाया।
कौन हैं निकोलस मादुरो ?
निकोलस मादुरो का जन्म वर्ष 1962 में हुआ था। उन्होंने अपने जीवन की शुरुआत एक बस चालक और मेट्रो यूनियन नेता के रूप में की. धीरे-धीरे वे वेनेजुएला की राजनीति में उभरे और पूर्व राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज के करीबी सहयोगी बने. मादुरो ने 2006 से 2013 तक देश के विदेश मंत्री के रूप में कार्य किया और क्षेत्रीय संगठनों के गठन में सक्रिय भूमिका निभाई. वर्ष 2012 में उन्हें उपराष्ट्रपति बनाया गया और चावेज के निधन के बाद 2013 में उन्होंने राष्ट्रपति पद संभाला
भारत में वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले का वाम दलों ने किया विरोध किया। वामपंथी दलों ने वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन करार दिया और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी के अपहरण की कड़ी निंदा की।
वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई पर कांग्रेस ने जताई चिंता
कांग्रेस ने वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले को लेकर चिंता जताई और कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के स्थापित सिद्धांतों का एकतरफा उल्लंघन नहीं किया जा सकता।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वेनेजुएला संकट पर आपात बैठक: वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाने के लिए की गई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सोमवार को एक आपातकालीन बैठक करने जा रही है।
