January 12, 2026

इमेजिनेशन एकेडमी ऑफ़ फाइन आर्ट्स का उद्देश्य केवल कला सिखाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की कल्पनाशक्ति को सशक्त बनाना और उन्हें ऐसा मंच देना है,

Dehradun , 04 January 2026,

परेड ग्राउंड के निकट इमेजिनेशन एकेडमी ऑफ़ फाइन आर्ट्स का भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ अकादमी के संचालक प्रशांत कुमार आर्य द्वारा सभी अतिथियों के साथ रिबन काटकर तथा दीप प्रज्वलित कर किया गया। मुख्य अतिथि मधु भट्ट ने अपने संबोधन में कहा कि फाइन आर्ट्स केवल चित्र बनाना या रंग भरना भर नहीं है, बल्कि यह बच्चों और युवाओं की सोच, संवेदनशीलता और कल्पनाशक्ति को विकसित करने का सशक्त माध्यम है। कला के माध्यम से व्यक्ति समाज, संस्कृति और प्रकृति को गहराई से समझता है। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में कला न केवल व्यक्तित्व विकास में सहायक है, बल्कि रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर भी सृजित कर रही है।

राज्य मंत्री विनोद उनियाल ने कहा कि फाइन आर्ट्स का क्षेत्र बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने का कार्य करता है। कला व्यक्ति को धैर्य, अनुशासन और रचनात्मक सोच सिखाती है। उन्होंने इमेजिनेशन एकेडमी ऑफ़ फाइन आर्ट्स जैसी संस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच बच्चों को सही दिशा और आत्मविश्वास प्रदान करते हैं।

पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद ने अपने संबोधन में कहा कि कला किसी भी समाज की आत्मा होती है। जिस समाज में कला, साहित्य और संस्कृति फलती–फूलती है, वह समाज दीर्घकाल तक जीवंत रहता है। फाइन आर्ट्स के माध्यम से बच्चों में सकारात्मक सोच, सामाजिक जिम्मेदारी और सौंदर्य बोध का विकास होता है। उन्होंने अकादमी को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

हिमालयन पब्लिक स्कूल की प्रधानाचार्य स्वाति उनियाल ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ कला का समावेश बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। फाइन आर्ट्स बच्चों को अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करने का अवसर देता है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की कलात्मक रुचियों को समझने और उन्हें प्रोत्साहित करने की अपील की।

अकादमी के संचालक प्रशांत कुमार आर्य ने सभी अतिथियों और उपस्थितजनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इमेजिनेशन एकेडमी ऑफ़ फाइन आर्ट्स का उद्देश्य केवल कला सिखाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की कल्पनाशक्ति को सशक्त बनाना और उन्हें ऐसा मंच देना है, जहां वे बिना किसी दबाव के अपनी रचनात्मकता को अभिव्यक्त कर सकें। उन्होंने बताया कि अकादमी की स्थापना में उनके माता–पिता श्री सुधीर आर्य एवं पूनम आर्य का मार्गदर्शन और प्रेरणा सदैव रही है। अकादमी में ड्राइंग, पेंटिंग, स्केचिंग, क्रिएटिव आर्ट सहित फाइन आर्ट्स के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे विद्यार्थी भविष्य में इस क्षेत्र में सुदृढ़ करियर बना सकें।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक, कला विशेषज्ञ, अकादमी के छात्र–छात्राएं एवं अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। विद्यार्थियों की रंग-बिरंगी और भावपूर्ण कलाकृतियों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया और पूरा परिसर कला के रंग में ओत-प्रोत नज़र आए।

 

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