March 19, 2026

बाघ हुए खूंखार, 19 दिनों में छह लोगों की वन्यजीवों के हमलों में हो चुकी मौत

उत्तराखंड में वन्यजीवों के हमलों ने चिंता बढ़ाई हुई है। भालू के हाइबरनेशन में जाने और हमलों में कमी होने की अनुमान लगाया जा रहा था, पर अभी भी भालू के हमलों की घटनाएं सामने आ रही है।

मानव- वन्यजीव संघर्ष की घटना कम नहीं हो रही है। भालू के बाद अब बाघ के हमलों की घटनाएं बढ़ गई हैं। इस महीने छह लोगों की वन्यजीवों के हमलों में मौत हुई है। इसमें चार की मौत बाघ के हमले में हुई है।

पिछले साल तक मानव- वन्यजीव संघर्ष की घटना में 68 लोगों की मौत हुई थी जबकि 488 लोग घायल हुए थे। पशु, फसल और मानव क्षति के मामले भी सामने आए थे। भालू के हमलों की घटनाएं भी तुलनात्मक तौर पर अधिक हुई थी। तापमान कम होने पर भालू के हाइबरनेशन में जाने और हमलों में कमी होने की अनुमान लगाया जा रहा था, पर अभी भी भालू के हमलों की घटनाएं सामने आ रही है।

बाघ के हमलों की घटनाएं भी बढ़ी है। इसी महीने 19 दिनों में बाघ के हमलों में चार लोगों की मौत हुई है। इसमें कालागढ़ टाइगर रिजर्व, रामनगर और तराई पूर्वी वन प्रभाग क्षेत्र में बाघ के हमलों में लोगों की जान गई है। दो लोगों की मौत तेंदुओं के हमलों में मौत हुई है। इसमें नैनीताल वन प्रभाग में एक महिला और पौड़ी के बाड़ा गांव में एक व्यक्ति की असमय मौत हुई।
पिछले साल 12 की बाघ के हमले में हुई थी मौत

पिछले साल कई लोगों की जान बाघ के हमले में गई थी। 2025 में बाघ के हमलों में 12 लोगों की मृत्यु हुई थी, जबकि पांच घायल हुए थे। जबकि तेंदुओं के हमलों में 19 की मौत और 102 घायल हुए थे।

समय टाइगर के ब्रीडिंग का है। ऐसे में जंगल में जाने से बचना चाहिए। अगर आवश्यक कार्य के लिए जाना भी है, तो सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें। समूह मेें जाएं और आवाज भी करते रहे। लोगों को जागरूक करने के साथ सुरक्षात्मक कदम भी उठाएं जा रहे हैं। -रंजन मिश्रा, प्रमुख वन संरक्षक

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright2017©Spot Witness Times. Designed by MTC, 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.