निहंग विवाद पर सियासत तेज, चुनावी आरोपों को नरेश बंसल ने किया खारिज
पंजाब से हिमाचल प्रदेश के रास्ते उत्तराखंड आने का प्रयास कर रहे निहंग सिख समुदाय को लेकर प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है। विपक्ष सरकार पर चुनावी कारणों से कार्रवाई करने में ढिलाई बरतने और बेबस नजर आने का आरोप लगा रहा है। वहीं भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि निहंग समुदाय से जुड़े मामले में सरकार की कार्रवाई किसी भी प्रकार से चुनाव से प्रेरित नहीं है। उन्होंने कहा कि पंजाब के साथ-साथ उत्तराखंड में भी चुनाव होने हैं, लेकिन इस पूरे प्रकरण का चुनाव से कोई संबंध नहीं है।
बंसल ने कहा कि शासन और प्रशासन के सामने दोहरी जिम्मेदारी है। एक ओर कानून व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक सौहार्द भी हर हाल में कायम रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन दोनों जिम्मेदारियों का संतुलन बनाकर कार्य कर रहा है।
उन्होंने बताया कि निहंग समुदाय की प्रमुख मांग जेल में बंद अपने चार साथियों की जमानत को लेकर है। उनका कहना है कि जैसे ही चारों की जमानत हो जाएगी, वे वापस चले जाएंगे।
राज्यसभा सांसद ने हेमकुंड साहिब यात्रा और चारधाम यात्रा के दौरान सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो। इसके लिए सरकार, प्रशासन और आम जनता सभी को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी।
नरेश बंसल, राज्यसभा सांसद।
