July 21, 2026

सर्वदलीय बैठक में अच्छी चर्चा हुई। सबने अपनी बात रखी। सदन बिना रुकावट चले, यह हम सभी की जिम्मेदारी है: संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू,

Delhi 19 July 2026,

संसद का मानसून सत्र सोमवार 20 जुलाई से शुरू हो रहा है। इससे पहले रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है। संसद भवन के एनेक्सी बिल्डिंग में सर्वदलीय बैठक हुई। 3 घंटे चली मीटिंग की अध्यक्षता राजनाथ सिंह ने की। विपक्षी सांसदों ने इस दौरान वॉकआउट कर दिया।

बैठक सुबह 11 बजे पार्लियामेंट एनेक्सी में शुरू हुई. इसमें कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और डीएमके सहित कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए।सर्वदलीय बैठक शुरू होने के कुछ देर बाद विपक्षी सांसदों ने वॉकआउट कर दिया। विपक्षी सांसदों का तर्क है कि सरकार ने टीएमसी के बाग़ी 20 सांसदों के गुट को बैठक में बुलाया, जबकि स्पीकर ओम बिरला ने अभी इनके गुट को मान्यता नहीं दी है।

टीएमसी सांसद महुआूु मोइत्रा ने कहा तथाकथित नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया एनसीपीआई जो एक गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी है, टेबल ऑफिस द्वारा दी गई सूची में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की संख्या, “अयोग्यता से जुड़ी 20 याचिकाएं अभी भी लंबित हैं। 91वें संशोधन के बाद, किसी अलग गुट के लिए कोई गुंजाइश नहीं है. तो संसदीय कार्य मंत्री ने किन आधारों पर इन 20 बागी सांसदों को निमंत्रण दिया और वे इस बैठक में कैसे शामिल हो रहे हैं? हमने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

‌ संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने बैठक के बाद कहा कि, मीटिंग में अच्छी चर्चा हुई। सबने अपनी बात रखी। सदन बिना रुकावट चले, यह हम सभी की जिम्मेदारी है। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान 19 बैठकें होंगी। सोमवार को अमित शाह राज्यसभा में वंदे मातरम से जुड़ा बिल पेश करेंगे।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने उद्धव गुट के 6 बागी सांसदों को मंजूरी दे दी है। 22 जून को उद्धव का साथ छोड़कर 6 सांसद शिंदे गुट में शामिल हो गए थे। ये सांसद भी अब शिंदे गुट के साथ संसद में बैठेंगे।

संसद के मानसून सत्र में *विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन (FCRA) विधेयक, 2026 (विदेशों से मिलने वाले चंदे पर सख्त निगरानी होगी। रजिस्ट्रेशन खत्म होने पर संपत्तियों पर सरकारी नियंत्रण का प्रावधान होगा। इसके लिए अलग अथॉरिटी बनेगी, *विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025 (UGC, AICTE और NCTE की जगह एक रेगुलेटर अथॉरिटी बनाई जाएगी। राष्ट्रीय महत्व के संस्थान सीधे इसके दायरे में आएंगे।),*आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 विदेशी निवेशकों को सरकारी प्रतिभूतियों (G-Secs) में निवेश के लिए प्रोत्साहन करना। सरकारी कर्ज बाजार को मजबूत करने की तैयारी।,* सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 जजों की संख्या 33 से बढ़कर 37 होगी। अभी जारी अध्यादेश को कानून का रूप मिलेगा।), *जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 (2 साल बाद रजिस्ट्रेशन सिर्फ न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश से होगा। DM/SDM की मंजूरी का प्रावधान), *राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 (जन गण मन की तरह वंदे मातरम को कानूनी संरक्षण मिलेगा। अपमान, अनादर और गायन में बाधा डालना अपराध होगा।), *MSME विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 (समय पर भुगतान के विवादों को तेज निपटारा होगा। राज्यों में MSEFC की संख्या बढ़ा सकेंगे।) आदि विधेयकों को सदन के पटल पर रखे जाने की संभावना है।

 

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