कांवड़ मेले से पहले हरिद्वार में वेंडिंग जोनों पर सख्ती, दुकानों की सीमा तय
आगामी कांवड़ मेले को देखते हुए हरिद्वार नगर निगम ने शहर के विकसित तीनों वेंडिंग जोनों में व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाने की कवायद तेज कर दी है। नगर आयुक्त नंदन कुमार के निर्देश पर नगर निगम प्रशासन ने प्रथम वेंडिंग जोन में लाभार्थी स्ट्रीट वेंडर्स के कियोस्क की सीमा निर्धारित करते हुए अनुशासन बनाए रखने के लिए लाल पट्टी से छह फुट की सीमा चिन्हित की।
नगर निगम के वरिष्ठ लिपिक शिव सिंह चौहान के नेतृत्व में संयुक्त समिति ने पूर्व फेरी समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार सभी लाभार्थियों को निर्धारित सीमा के भीतर ही कारोबार करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी गई कि निर्धारित सीमा का उल्लंघन करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान लघु व्यापार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष एवं फेरी समिति के सदस्य संजय चोपड़ा ने नगर निगम से वेंडिंग जोनों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम को देखते हुए प्रत्येक कियोस्क के आगे तीन फुट का छज्जा लगाने की अनुमति दी जानी चाहिए, ताकि दुकानों में बारिश का पानी भरने से होने वाले नुकसान से बचा जा सके।
संजय चोपड़ा ने कहा कि नगर आयुक्त द्वारा वेंडिंग जोनों में अनुशासन और निर्धारित सीमा लागू करने के निर्देशों का संगठन स्वागत करता है, लेकिन व्यापारियों की सुविधा के लिए बिजली, पेयजल, शौचालय, चौकीदार और सीसीटीवी कैमरों जैसी आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
उन्होंने बताया कि नगर निगम में 2,545 स्ट्रीट वेंडर्स पंजीकृत हैं, जिनमें रोड़ी बेलवाला और पंत द्वीप पार्किंग क्षेत्र प्रमुख हैं। कांवड़ मेले के दौरान सभी लाइसेंसधारी स्ट्रीट वेंडर्स को व्यवस्थित तरीके से कारोबार की अनुमति दी जानी चाहिए, ताकि उनकी आजीविका प्रभावित न हो।
संजय चोपड़ा ने प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर स्वनिधि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की भी मांग करते हुए कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप सभी पात्र स्ट्रीट वेंडर्स को स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि नगर निगम को फेरी समिति के पूर्व निर्णयों को समयबद्ध तरीके से लागू करना चाहिए, जिससे व्यापारियों को राहत मिल सके और वेंडिंग जोनों में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।
लघु व्यापार संगठन, प्रदेश अध्यक्ष, संजय चोपड़ा
