यूकेडी ने मनाया 48वां स्थापना दिवस, राज्य की पहचान और संसाधनों की रक्षा का लिया संकल्प
उत्तराखंड राज्य गठन आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले क्षेत्रीय राजनीतिक दल उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) का 48वां स्थापना दिवस शनिवार को प्रदेशभर में उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राज्य आंदोलन के शहीदों और संस्थापकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राज्य के मूल उद्देश्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
गौरतलब है कि 25 जुलाई 1979 को नैनीताल में स्थापित उत्तराखंड क्रांति दल ने पर्वतीय क्षेत्रों के लिए पृथक राज्य की मांग को लेकर व्यापक जनआंदोलन चलाया था। लंबे संघर्ष के बाद वर्ष 2000 में उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ, जिसमें यूकेडी की भूमिका को अहम माना जाता है।
स्थापना दिवस के अवसर पर यूकेडी के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने कहा कि पार्टी अपनी स्थापना के समय से ही लगातार जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करती रही है। उन्होंने कहा कि पहले लड़ाई अलग उत्तराखंड राज्य के निर्माण की थी, जबकि अब राज्य की पहचान, प्राकृतिक संसाधनों, संस्कृति और स्वायत्तता की रक्षा के लिए संघर्ष जारी है।
उन्होंने कहा कि पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता और वरिष्ठ नेता राज्य के हितों की रक्षा के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने के बाद अब समय आ गया है कि उत्तराखंड के विकास को उसी दिशा में आगे बढ़ाया जाए, जिसकी कल्पना यूकेडी के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. डी.डी. पंत ने की थी।
सुरेंद्र कुकरेती ने दावा किया कि प्रदेश की जनता का विश्वास एक बार फिर उत्तराखंड क्रांति दल के साथ जुड़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता के सहयोग से राज्य निर्माण के मूल उद्देश्यों और सपनों को साकार किया जाएगा तथा उत्तराखंड के हितों की रक्षा के लिए पार्टी का संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
सुरेंद्र कुकरेती, केंद्रीय अध्यक्ष, उत्तराखंड क्रांति दल
