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July 26, 2026

पीएम नरेंद्र मोदी ने आज ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड में कारगिल विजय दिवस,आईएनएस महेंद्रगिरि,पिनारा लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट, विक्रम-1 इसके सफल प्रक्षेपण पर साझा किए विचार,

Delhi 26 July 2026,

पीएम नरेंद्र मोदी ने आज ‘मन की बात’ के 136वें एपिसोड में जनता को संबोधित किया। पीएम मोदी ने मन की बात में कारगिल के वीरों को नमन किया। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन में कुछ तारीख ऐसी होती हैं, जिन्हें याद करने के लिए कैलेंडर देखने की जरूरत नहीं होती।भारतीय नौ-सेना में आईएनएस महेंद्रगिरि शामिल किया गया। यह आधुनिक जंगी जहाज भारत में ही डिजाइन किया गया है, भारत में ही बना है। इसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग हुआ है। यह आत्मनिर्भर भारत की बढ़ती शक्ति का प्रतीक है। इसके अलावा उन्होंने इसी महीने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन’ (डीआरडीओ) ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइड रॉकेट के सफल परीक्षण, कैच द रेन का संदेश, ग्लास्गो में संपन्न हुए कॉमनवेल्थ गेम्स, विक्रम-1 इसके सफल प्रक्षेपण , एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान, 7 अगस्त को मनाया जाने वाला ‘नेशनल हैंडलूम डे’ पर अपने विचार साझा किए।

मन की बात के 136वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “हमारी जिंदगी में कुछ तारीखें ऐसी होती हैं जिन्हें याद करने के लिए हमें कैलेंडर देखने की जरूरत नहीं होती। आज, 26 जून ऐसी ही एक तारीख है। आज कारगिल विजय दिवस है। यह दिन हमें गर्व से भर देता है। यह दिन हमें हमारे बहादुर सैनिकों के असाधारण साहस की याद दिलाता है। पीएम मोदी ने कारगिल में शहीद हुए जवानों के साहस पर कहा, “कारगिल की ऊंची चोटियां, खराब मौसम, दुश्मन की चुनौती हमारे सैनिकों ने हर हालात का सामना किया। फिर भी उनका हौसला किसी भी चुनौती से ज्यादा था। उन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया। आज, कारगिल विजय दिवस पर, मैं सभी बहादुर शहीदों और बहादुर सैनिकों को दिल से श्रद्धांजलि देता हूं। इस साल एक खास ‘शौर्य विजय यात्रा’ आयोजित की गई है। पीएम मोदी ने मोटरसाइकिल यात्रा, जो 14 जुलाई को दिल्ली में नेशनल वॉर मेमोरियल से शुरू हुई और द्रास में कारगिल वॉर मेमोरियल तक पहुंचेगी। इसका संदेश है – ‘एक राइड, एक राष्ट्र, एक सलाम।’ यह यात्रा हमें याद दिलाती है कि देश के लिए दी गई कुर्बानियों को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

मन की बात के 136वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “कुछ दिन पहले ही आईएनएस महेंद्रगिरि को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया। यह आधुनिक युद्धपोत भारत में ही डिजाइन और तैयार किया गया है। इसमें 75% से ज्यादा स्वदेशी सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ की बढ़ती ताकत का प्रतीक है। पीएम मोदी ने अपनी मन की बात में पिनारा लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “इस महीने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन’डीआरडीओ’ ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का भी सफल परीक्षण किया। यह सफलता हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के सामूहिक प्रयासों का नतीजा है। बस 2-3 दिन पहले ही डीआरडीओ ने कुशा मिसाइल का भी सफल परीक्षण किया।

पीएम मोदी ने कहा,‘मन की बात’ के पिछले एपिसोड में मैंने आपसे ‘कैच थे रेन ’ अभियान की चर्चा की थी। मैंने आग्रह किया था कि बारिश की हर बूँद को सहेजने के इस अभियान को जन-आंदोलन बनाएं। ‘कैच थे रेन ’ का संदेश बहुत सीधा है – जहाँ बारिश गिरे, जब बारिश गिरे, पानी को वहीं सहेजिए, इसलिए 04 जुलाई से देश-भर में एक विशेष अभियान भी चलाया जा रहा है। इसके तहत बारिश के पानी के संचयन, ग्राउंडवाटर रिचार्ज, पुराने जल-स्त्रोतों के पुनर्जीवन और वृक्षारोपण को नई गति दी जा रही है। मुझे बहुत खुशी है कि गाँव हों या शहर, पंचायतें हों या सामाजिक संस्थाएं हर जगह लोगों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की है। कुछ ही दिन पहले ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स शुरू हुए हैं। हर देशवासी भारतीय दल को निरंतर अपनी शुभकामनाएं दे रहा है। उनकी कामना है कि सभी खिलाड़ी और एथलीट बेहतरीन प्रदर्शन करें और लोगों का दिल भी जीतें।

पीएम मोदी ने पिछले रविवार विक्रम-1 इसके सफल प्रक्षेपण से हर देशवासी गौरव से भरा हुआ है। हम सभी भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र के इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने। ये प्राइवेट सेक्टर द्वारा विकसित भारत का पहला रॉकेट है। हमारे युवा इन्नोवेटर ने वो कर दिखाया, जिसकी कल्पना तक मुश्किल थी। उन्होंने गजब की स्किल पैशन और पेशेंस दिखाया। लंबे समय तक हमारा अंतरिक्ष क्षेत्र निजी क्षेत्र के लिए बंद रहा था। इस क्षेत्र में रुचि रखने वाले काफी युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर नहीं मिल पा रहा था। युवा हित को देखते हुए हमने अंतरिक्ष क्षेत्र को प्राइवेट सेक्टर के लिए खोला। आज इसका परिणाम दुनिया देख रही है।

श्री मोदी ने कहा, हमारे देश में चाय सिर्फ एक पेय नहीं है – ये अपनापन भी है। वैसे तो आप भी भलीभाँति जानते हैं मेरा चाय से रिश्ता क्या है। लेकिन आज मैं जिस चाय की चर्चा कर रहा हूं, उसने सिर्फ स्वाद ही नहीं दिया, बल्कि अनेक बहनों के जीवन में, आत्मनिर्भरता की नई खुशबू भी घोल दी है। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के लखीवाला गांव में स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं ने ‘विदुर प्रेरणा स्वदेशी हर्बल टी’ तैयार की है। इसमें लेमनग्रास, गिलोय, मुलेठी, तुलसी, कच्ची हल्दी, दालचीनी, इलायची और सौंफ जैसी प्राकृतिक सामग्रियां शामिल हैं। अपने अनोखे स्वाद और गुणों की वजह से इस चाय ने बहुत कम समय में लोगों के बीच खास पहचान बना ली। प्रयागराज के महाकुंभ और दिल्ली के इंटरनेशनल फूड फेस्टिवलमें इस हर्बल चाय को खूब सराहना मिली है। विदेशों से आए लोगों ने भी इसमें दिलचस्पी दिखाई है।

पीएम मोदी ने एक बार फिर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि, देश के लोग पेड़ लगाकर प्रकृति के प्रति अपना दायित्व निभा रहे हैं| जब समाज इस भावना से जुड़ता है, तो बहुत सुन्दर और प्रेरक उदाहरण सामने आते हैं। साथियो, अमदाबाद (अहमदाबाद) में जन-भागीदारी की अद्भुत शक्ति दिखाई दी है। भाड़ज़ क्षेत्र में एक घंटे के भीतर साढ़े 3 लाख से अधिक पौधे रोपे गए, इसमें, 25 हजार से अधिक लोग जुटे। स्कूली बच्चे, एनसीसी कैडेट, स्वयंसेवक और आम नागरिक – सभी ने इस अभियान में हिस्सा लिया। आने वाले वर्षों में यही पौधे एक घने शहरी वन का रूप लेंगे। इस प्रयास को गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है।

आपको याद होगा पिछली बार ‘मन की बात’ में, मैंने ‘गणेश उत्सव’ की बात की थी। मैंने आग्रह किया था कि हमें अपने देश की मिट्टी से ही बने गणेश जी की पूजा करनी चाहिए। पी.ओ.पी. से बने गणेश जी होते हैं या विदेश से आई गणेश जी की प्रतिमा होती है, उसके बजाय हमें देश की मिट्टी से बने गणेश जी को घर में स्थापित करना चाहिए। इस विषय पर अनेक लोगों ने मुझे संदेश भेजा है और अपने विचार रखे हैं। लोगों ने बताया कि उन्होंने मेरे आग्रह को अपनाया है। उन्होंने स्थानीय मिट्टी से तैयार होने वाले गणेश जी को स्थापित करने का संकल्प लिया है। लोगों ने लिखा है कि ‘मन की बात’ में पहले ही इस पर चर्चा हुई, इससे उन्हें सही वक्त पर सही कदम उठाने में मदद मिली। मैं एक बार फिर अपना आग्रह दोहराता हूं, इस बार गणपति पूजा में देश की मिट्टी से बने गणेश जी को अपने घर पर स्थापित करें, उनकी पूजा करें। आपका ये प्रयास भी एक तरह से प्रकृति की ही पूजा होगा।

पीएम मोदी ने ‘नेशनल हैंडलूम डे , का स्मरण करते हुए बताया कि, ‘खादी’ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को बहुत प्रिय थी। बीते कुछ वर्षों में ‘खादी’ काफी लोकप्रिय हुई है। पिछले 12 वर्षों में इसकी बिक्री 6 गुना बढ़ी है। बिक्री का यह आंकड़ा अब 8,000 करोड़ रुपये के करीब पहुंच चुका है। मेरा आप सभी से आग्रह है कि आने वाले त्योहार में ‘खादी’ का कोई-न-कोई, हैंडलूम का कोई-न- कोई, हैंडीक्राफ्ट का कोई-न-कोई उत्पादन जरूर खरीदें| श्री मोदी मोदी ने भारत रत्न, देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, राष्ट्रीय पर्व 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस,‘हर घर तिरंगा’ अभियान पर अपने विचार देशवासियों से साझा किए,

 

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