अमर शहीद मनोज राणा को श्रद्धांजलि, 27 लाख की लागत से बनेगा शहीद द्वार
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने रविवार को राजपुर निवासी अमर शहीद राइफलमैन मनोज राणा की 13वीं पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने शहीद मनोज राणा की स्मृति में ₹27 लाख की लागत से बनने वाले भव्य शहीद द्वार का शिलान्यास भी किया।
इस दौरान सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि अमर शहीद मनोज राणा का सर्वोच्च बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने बताया कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के माध्यम से पहाड़ी शैली में इस शहीद द्वार का निर्माण कराया जाएगा, जो आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा देगा।
गणेश जोशी ने कहा कि भारतीय सेना के जवानों ने अपने प्राणों की आहुति देकर देश की रक्षा की है और पूरे देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि शहीदों की कोई जाति या धर्म नहीं होता, उनका सम्मान करना और उनकी स्मृतियों को संजोकर रखना प्रत्येक देशवासी का नैतिक दायित्व है।
उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा में तैनात हर पाँचवां सैनिक उत्तराखंड से है और जब-जब राष्ट्र को आवश्यकता पड़ी, राज्य के वीर सपूतों ने अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देकर मातृभूमि की रक्षा की है।
सैनिक कल्याण मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना के आधुनिकीकरण को नई दिशा मिली है तथा रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के सम्मान एवं कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है।
उन्होंने बताया कि देहरादून के गुनियाल गांव में सैनिकों के सम्मान में भव्य सैन्य धाम का निर्माण अंतिम चरण में है। इसके पूर्ण होने के बाद इसे प्रदेश की जनता को समर्पित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार श्रद्धालु चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड आते हैं, उसी प्रकार सैन्य धाम भी देशभर के लोगों के लिए प्रेरणा, सम्मान और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बनेगा।
गौरतलब है कि शहीद राइफलमैन मनोज राणा भारतीय सेना की 15 राष्ट्रीय राइफल्स (15 RR), 2/4 गोरखा राइफल्स में तैनात थे। वर्ष 2013 में जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में आतंकियों से लोहा लेते हुए उन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनका अदम्य साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बना हुआ है।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी
