बारिश के बाद नैनीताल की सड़कें बदहाल, गड्ढों में मिट्टी-झाड़ियां भरने पर उठे सवाल
मानसून की बारिश ने नैनीताल जिले की सड़कों की हालत खराब कर दी है। स्टेट हाईवे, नेशनल हाईवे, जिला मार्ग और ग्रामीण सड़कें जगह-जगह क्षतिग्रस्त हैं। जिला मुख्यालय नैनीताल और हाईकोर्ट को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क भी गड्ढों में तब्दील हो गई है। खास बात यह है कि इसी मार्ग से न्यायाधीशों, प्रशासनिक अधिकारियों, पर्यटकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही होती है।
नैनीताल-हल्द्वानी हाईवे की तस्वीरें इन दिनों सड़क की बदहाली की कहानी बयां कर रही हैं। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं। आरोप है कि इन गड्ढों को दुरुस्त करने के बजाय उनमें मिट्टी और झाड़ियां भर दी गई हैं। सड़क की इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है और उन्होंने जल्द सड़क की मरम्मत नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात खराब
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिला मुख्यालय को जोड़ने वाली प्रमुख सड़क की यह स्थिति है तो ग्रामीण इलाकों में हालात और भी खराब हैं। जिले के कई ग्रामीण मार्ग बारिश और भूस्खलन के कारण बंद हैं, जबकि कई सड़कें टूट चुकी हैं। इसके बावजूद लंबे समय से इन मार्गों की स्थिति में सुधार नहीं होने से ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सड़कों की मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। उनका कहना है कि महत्वपूर्ण मार्गों पर भी गड्ढों को मिट्टी और झाड़ियों से भरना समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।
मानसून के बाद सड़कों की मरम्मत का दावा
मामले में नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल का कहना है कि मानसून के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का कार्य कराया जाएगा। प्रशासन की ओर से बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त मार्गों को लेकर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जा रहे हैं।
वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक सड़कों की स्थायी मरम्मत नहीं होती, तब तक दुर्घटनाओं का खतरा बना रहेगा। उन्होंने प्रशासन से मानसून के दौरान भी संवेदनशील और महत्वपूर्ण मार्गों पर तत्काल राहत एवं मरम्मत कार्य कराने की मांग की है।
हिमांशु पांडे, स्थानीय निवासी
ललित मोहन रयाल, डीएम नैनीताल
