बागेश्वर की जनसमस्याओं को लेकर संघर्ष समिति का धरना, 14 सूत्रीय मांगों पर अड़ा आंदोलन
बागेश्वर जिले की लंबे समय से चली आ रही जनसमस्याओं के समाधान की मांग को लेकर आखिरकार लोगों का सब्र जवाब दे गया है। बागेश्वर जिला संघर्ष समिति ने अब जिला कार्यालय के आंगन में धरना शुरू कर दिया है। समिति ने प्रशासन के सामने 14 सूत्रीय मांगें रखी हैं और स्पष्ट किया है कि मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
आंदोलन का नेतृत्व बागेश्वर के पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष कवि जोशी और कृषक रमेश पांडे कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे वर्षों से जिले की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं। कई बार अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए और मुलाकात कर समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन ही मिले। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।
संघर्ष समिति ने प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। आंदोलनकारियों का आरोप है कि समस्याओं का समाधान करने के बजाय लोगों को एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय के चक्कर कटवाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि जब बार-बार ज्ञापन देने के बाद भी समस्याएं जस की तस बनी रहें तो जनता के सामने आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।
समिति ने साफ किया है कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है। आंदोलन का उद्देश्य बागेश्वर की जनता के अधिकारों और जिले के विकास से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाना है। आंदोलनकारियों ने प्रशासन से मौके पर पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने और 14 सूत्रीय मांगों पर ठोस कार्रवाई करने की मांग की है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। प्रशासन को समस्याओं के समाधान की दिशा में समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई करनी होगी। फिलहाल जिला कार्यालय का आंगन संघर्ष समिति के आंदोलन का केंद्र बना हुआ है।
अब देखना होगा कि प्रशासन आंदोलनकारियों की मांगों पर क्या कदम उठाता है और क्या 14 सूत्रीय मांगों के समाधान के लिए कोई ठोस पहल होती है या फिर एक बार फिर जनता को आश्वासन के भरोसे ही टाल दिया जाता है।
कवि जोशी, पूर्व अध्यक्ष व्यापार मंडल बागेश्वर
रमेश पांडे कृषक, वरिष्ठ आन्दोलनकारी बागेश्वर
