केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संवैधानिक परिवर्तन “एक राष्ट्र-एक चुनाव” के लिए जनजागरण का किया आह्वान,
Uttrakhand, 23 August 2026,
हरिद्वार के प्राचीन अवधूत मण्डल आश्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संत समागम को सम्बोधित करते हुए “एक राष्ट्र-एक चुनाव” की ताकत और आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बार-बार होने वाले चुनावों को देश की प्रगति के लिए बाधक बताते हुए संत समाज से इस संवैधानिक परिवर्तन के लिए जनजागरण का आह्वान किया।

केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “एक राष्ट्र-एक चुनाव” की परिकल्पना को देश हित में आवश्यक करार दिया। उन्होंने कहा कि लगातार चुनावों के कारण स्कूलों में पढ़ाई रुकती है, प्रशासनिक मशीनरी चुनाव की तैयारियों में लग जाती है और विकास कार्यों की गति धीमी पड़ जाती है। उन्होंने कहा कि यदि लोकसभा और विधानसभा के चुनाव साथ हों तो संसाधनों की बचत होगी, चुनाव सम्बंधी समय की बचत होगी और प्रशासनिक ध्यान विकास पर केंद्रित रहेगा।
केन्द्रीय मंत्री ने राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम’ के पूरे स्वरूप का समर्थन करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि यह गीत देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है, न कि किसी पार्टी या समुदाय का। कार्यक्रम में मौजूद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संत समाज से कहा कि, प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक राष्ट्र-एक चुनाव’ के विषय को राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में लाते हुए इसे आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने के लिए विकास की निरंतर गति आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने संत-महात्माओं से इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय विषय पर समाज का मार्गदर्शन करने का आग्रह करते हुए कहा कि भारत की सनातन परंपरा में संत समाज ने सदैव राष्ट्र और समाज को दिशा देने का कार्य किया है।
