राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर के विरोध में कांग्रेस का सचिवालय कूच, पुलिस से धक्का-मुक्की
हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद मैदान के कथित शुद्धिकरण को लेकर उत्तराखंड की सियासत गरमाई हुई है। इसी बीच राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में दर्ज एफआईआर के विरोध में कांग्रेस ने मंगलवार को देहरादून में सचिवालय कूच किया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, चकराता विधायक प्रीतम सिंह और पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रदर्शन में शामिल हुए।
बैरिकेडिंग पर पुलिस से भिड़े कार्यकर्ता
सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता सचिवालय की ओर बढ़े। हालांकि, पुलिस ने सचिवालय से पहले बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई।
प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार और भाजपा राजनीतिक द्वेष की भावना से कार्रवाई कर रही है।
प्रदर्शन के दौरान हरक सिंह रावत की तबीयत बिगड़ी
सचिवालय कूच के दौरान पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं में चिंता का माहौल देखने को मिला।
एफआईआर वापस लेने की मांग
कांग्रेस नेताओं ने सरकार से राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर तत्काल वापस लेने की मांग की। नेताओं का कहना है कि कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा रही है और सरकार को राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय जनहित के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।
हल्द्वानी में खड़गे की जनसभा के बाद मैदान के कथित शुद्धिकरण और राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। सचिवालय कूच के दौरान हुए प्रदर्शन ने इस राजनीतिक विवाद को और तूल दे दिया है।
गणेश गोदियाल, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस
यशपाल आर्य, नेता प्रतिपक्ष
