October 9, 2026

किसानों को समय पर भुगतान उपलब्ध कराने तथा आपूर्ति श्रृंखला को सुचारु बनाए रखने हेतु राज्य सरकार ने स्थापित किया ₹ 5 करोड़ का रिवॉल्विंग फण्ड”: मंत्री सौरभ बहुगुणा

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YDehradun 08 October 2026,

उत्तराखण्ड के स्थानीय किसानों एवं पशुपालकों को उनके उत्पादों के लिए सुनिश्चित संस्थागत बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा संचालित “किसान से आईटीबीपी तक एकीकृत स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला पहल” को एक और वर्ष के लिए वढ़ा दिया गया है। आज यमुना कॉलोनी स्थित कैम्प कार्यालय, देहरादून में पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा की उपस्थिति में “भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) एवं पशुपालन, मत्स्य एवं दुग्ध विकास विभाग, उत्तराखण्ड शासन के मध्य आगामी एक वर्ष के लिए एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। एमओयू का संपादन बीवीआरसी पुरुषोत्तम आईएएस सचिव उत्तराखण्ड शासन एवं आईटीबीपी की ओर से मनु महाराज, आईपीएस महानिरीक्षक, मुख्यालय उत्तरी सीमान्त आईटीबीपी गृह मंत्रालय के मध्य हुआ। मौजूदा समय में स्थानीय किसानों द्वारा उत्पादित “जीवित भेड-बकरी, ब्रॉयलर पोल्ट्री एवं ट्राउट मछली” की आपूर्ति आईटीबीपी की 14 बटालियनों को की जा रही है। अब तक आईटीबीपी को 3 लाख 56 हजार किलोग्राम जीवित भेड़-बकरी, 2 लाख 40 हजार किलोग्राम जीवित कुक्कुट पक्षी तथा 56 हजार किलोग्राम ट्राउट मछली” की आपूर्ति की जा चुकी है। इस इस से उत्तराखण्ड के 450 से अधिक किसान परिवारों तथा 42 प्राथमिक सहकारी समितियों एवं किसान उत्पादक संगठनों को संस्थागत बाजार से जोड़ा गया है।ऊ

किसानों को उनके द्वारा आपूर्ति किये गये उत्पाद का भुगतान पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने के लिए सीधे बैंक खातों में ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था की गई है। इस पहल के अन्तर्गत अब तक किसानों को ₹ 17.02 करोड़” की राशि सीधे उनके खातों में हस्तान्तरित की जा चुकी है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में ₹ 1.66 करोड़, वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹ 10.02 करोड़ तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक ₹ 5.34 करोड़ की राशि किसानों को हस्तान्तरित की गई है।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए, पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार की प्राथमिकता राज्य के किसानों एवं पशुपालकों को उनके उत्पादों के लिए “सुनिश्चित बाजार उपलब्ध कराना और उनकीyyggygg आय के स्थायी अवसरों को मजबूत करना” है। आईटीबीपी के साथ विकसित यह मॉडल स्थानीय उत्पादन को संस्थागत माँग से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को आगे और व्यापक बनाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक स्थानीय किसान एवं किसान संगठन इससे लाभान्वित हो सकें। पशुपालन मंत्री ने बताया कि, राज्य सरकार द्वारा ₹ 5 करोड़ का रिवॉल्विंग फण्ड” स्थापित किया गया है। इससे किसानों को समय पर भुगतान उपलब्ध कराने तथा आपूर्ति श्रृंखला को सुचारु बनाए रखने में सहायता मिल रही है।

सचिव बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने कहा कि इस पहल के माध्यम से स्थानीय उत्पादन और संस्थागत माँग के बीच एक प्रभावी आपूर्ति श्रृंखला विकसित हुई है। किसानों को बाजार उपलब्ध होने के साथ-साथ सुरक्षा बलों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है। आगामी एक वर्ष में इस व्यवस्था को और सुदृढ़ करने तथा अधिक से अधिक किसानों एवं संगठनों को इससे जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आईटीबीपी के साथ स्थापित इस आपूर्ति व्यवस्था के आधार पर भारतीय सेना एवं एसएसबी के चयनित पोस्ट एवं प्रतिष्ठानों को भी प्राप्त माँग के आधार पर स्थानीय उत्पादों की आपूर्ति प्रारम्भ की गई है। इससे स्थानीय किसानों के उत्पादों को सीधा बाजार उपलब्ध हुआ है।

मनु महाराज, आईपीएस महानिरीक्षक ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि, पशुपालन विभाग के गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की समय पर निर्धारित आपूर्ति को देखते हुए एमओयू को आगामी एक वर्ष के लिए बढ़ाया गया है।

 

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