गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग, पहाड़ी आर्मी का बुद्ध पार्क में अनिश्चितकालीन धरना शुरू
उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण को घोषित करने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। इस मांग को लेकर पहाड़ी आर्मी ने हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियों ने सरकार से गैरसैंण को स्थायी राजधानी और देहरादून को अस्थायी राजधानी घोषित करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
धरने पर बैठे पूर्व आईएएस अधिकारी विनोद रतूड़ी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य गठन के बाद से ही स्थायी राजधानी का मुद्दा लगातार उठता रहा है। विभिन्न राजनीतिक दलों और संगठनों ने भी गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किए हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में निर्णय नहीं हो पाया है।
उन्होंने कहा कि पहाड़ी आर्मी ने इस मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है। सरकार से उनकी एकमात्र मांग है कि गैरसैंण को उत्तराखंड की स्थायी राजधानी घोषित किया जाए और केंद्र सरकार को भी इस संबंध में अवगत कराया जाए।
पहाड़ की समस्याओं को समझने के लिए गैरसैंण को राजधानी बनाने की मांग
विनोद रतूड़ी ने कहा कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाए जाने से पहाड़ में रहने वाले लोगों की समस्याओं पर अधिक ध्यान दिया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि राजधानी पहाड़ में होने से मंत्रियों और अधिकारियों को वहां रहकर काम करने का अवसर मिलेगा और वे पर्वतीय क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों तथा स्थानीय लोगों की परेशानियों को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे।
उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने से इन समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकेंगे।
मांग पूरी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन की चेतावनी
पूर्व आईएएस विनोद रतूड़ी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांग पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो धरने को भूख हड़ताल और उग्र आंदोलन में बदला जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सरकार की होगी।
पहाड़ी आर्मी ने स्पष्ट किया है कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित किए जाने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
विनोद रतूड़ी पूर्व आईएएस
विजय भारत कंडारी राज्य आंदोलनकारी
गोपाल दत्त आंदोलनकारी
