वार्षिक रखरखाव के लिए बंद हुई उत्तरी गंग नहर, 7 नवंबर की रात से दोबारा छोड़ा जाएगा पानी
हरिद्वार से उत्तर प्रदेश के कई जिलों तक पानी पहुंचाने वाली उत्तरी गंग नहर को वार्षिक रखरखाव और मरम्मत कार्यों के लिए बंद कर दिया गया है। मंगलवार मध्यरात्रि भीमगौड़ा बैराज से नहर में पानी की आपूर्ति रोक दी गई। नहर बंद होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कृषि क्षेत्रों में सिंचाई और दिल्ली-एनसीआर की पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका है।
हर साल दशहरे के बाद छोटी दीपावली तक उत्तरी गंग नहर को सफाई और मरम्मत के लिए बंद किया जाता है। इस अवधि में नहर के चैनल गेट दुरुस्त करने के साथ ही अन्य आवश्यक रखरखाव कार्य किए जाएंगे। विभाग ने 7 नवंबर की रात नहर में दोबारा पानी छोड़ने की योजना बनाई है।
अर्धकुंभ की तैयारियों को भी मिलेगी गति
नहर बंदी के दौरान आगामी अर्धकुंभ को ध्यान में रखते हुए गंग नहर के किनारे बनाए जा रहे घाटों के निर्माण कार्यों को भी गति दी जाएगी। नहर में पानी का प्रवाह बंद रहने से मरम्मत और निर्माण से जुड़े कार्यों को पूरा करने में सुविधा मिलेगी।
हरिद्वार में अर्धकुंभ की तैयारियों के तहत घाटों को व्यवस्थित करने और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। नहर बंदी की अवधि में संबंधित विभाग रखरखाव के साथ इन कार्यों को आगे बढ़ाएंगे।
हरकी पैड़ी पर स्नान के लिए पर्याप्त पानी
उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के एसडीओ भारत भूषण ने बताया कि हरकी पैड़ी पर श्रद्धालुओं के स्नान के लिए पर्याप्त पानी छोड़ा गया है। नहर बंद होने के दौरान भी श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखा गया है।
विभाग के अनुसार, निर्धारित मरम्मत और रखरखाव कार्य पूरे होने के बाद 7 नवंबर की रात उत्तरी गंग नहर में दोबारा पानी छोड़े जाने की योजना है। इसके बाद नहर के माध्यम से पानी की आपूर्ति फिर से शुरू हो सकेगी।
भारत भूषण, एसडीओ, यूपी सिंचाई विभाग
