धूलकोट माफी में मेगा स्वास्थ्य शिविर, 400 से अधिक लोगों को मिला उपचार
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के मेगा ड्राइव अभियान के तहत देहरादून की ग्राम पंचायत धूलकोट माफी में वृहद स्वास्थ्य एवं नेत्र चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया। 22 अक्टूबर को आयोजित इस शिविर में 400 से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिला। शिविर में ग्रामीणों को चिकित्सकीय परामर्श, स्वास्थ्य जांच और निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। साथ ही दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण और जरूरतमंद परिवारों को आवश्यक सामग्री वितरित की गई।
उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के मार्गदर्शन और जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष हरीश कुमार गोयल के दिशा-निर्देशन में यह अभियान संचालित किया जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के नेतृत्व में पिछले दो माह से गांव में विधिक जागरूकता और जनकल्याणकारी गतिविधियां चलाई जा रही हैं। अभियान का उद्देश्य ग्राम पंचायत को आदर्श ग्राम पंचायत के रूप में विकसित करना और ग्रामीणों को उनके विधिक अधिकारों तथा सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों ने की स्वास्थ्य जांच
ग्राफिक एरा हॉस्पिटल के सहयोग से आयोजित शिविर में जनरल फिजिशियन, विशेषज्ञ चिकित्सकों, स्त्री रोग विशेषज्ञों और कान-आंख संबंधी रोगों के चिकित्सकों सहित नर्सिंग स्टाफ ने सेवाएं दीं। ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर परामर्श देने के साथ आगे की जांच और उपचार के बारे में जानकारी दी गई। जरूरतमंदों को निःशुल्क दवाइयां भी वितरित की गईं।
वहीं, राही नेत्रधाम हॉस्पिटल के सहयोग से मोबाइल वैन के माध्यम से ग्रामीणों की आंखों की जांच की गई। लोगों को नेत्र संबंधी बीमारियों की समय पर पहचान, नियमित जांच और उचित उपचार के महत्व के प्रति जागरूक किया गया।
दिव्यांगजनों को बांटे सहायक उपकरण
शिविर के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार वॉकर, बैसाखी और छड़ी सहित सहायक उपकरण वितरित किए। इसके अलावा मस्ती ज्यादे फाउंडेशन के सहयोग से जरूरतमंद ग्रामीणों को फोल्डिंग बेड, रजाइयां और गद्दे भी दिए गए।
500 से अधिक परिवारों तक पहुंचे पैरा लीगल वॉलंटियर्स
नालसा मेगा ड्राइव अभियान के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के 30 पैरा लीगल वॉलंटियर्स (पीएलवी) पिछले करीब 60 दिनों से धूलकोट माफी में घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। इस दौरान 500 से अधिक परिवारों से संपर्क कर उन्हें निःशुल्क विधिक सहायता, उनके अधिकारों और केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
अभियान के तहत अब तक नौ वृद्धावस्था पेंशन, नौ दिव्यांगता प्रमाणपत्र अथवा पेंशन, 27 आयुष्मान कार्ड, 36 किसान सम्मान योजना से संबंधित लाभ और 70 श्रम कार्ड बनवाने में सहायता की गई है। इसके अतिरिक्त जरूरतमंदों को कंबल, रजाई, बिस्तर, मेडिकल किट और सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए।
ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ सात लोगों के मोतियाबिंद के निःशुल्क ऑपरेशन भी कराए गए, जो सफल रहे। वहीं, बच्चों को शिक्षा के अधिकार से जोड़ते हुए स्कूलों में प्रवेश दिलाने में भी सहयोग किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके अधिकारों, स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी योजनाओं से जोड़कर पात्र लाभार्थियों तक सुविधाएं पहुंचाना है।
