January 11, 2026

भाजपा महिला मोर्चा ने प्रदेशव्यापी प्रदर्शन और पुतला दहन किया कांग्रेस के खिलाफ

भाजपा महिला मोर्चा के नेतृत्व प्रदेश भर में आज अंकिता मर्डर पर भ्रम की राजनीति करने वाली कांग्रेस का पुतला फूंका गया। सभी सांगठनिक जिला मुख्यालयों में हुए इस विशाल विरोध प्रदर्शन को लेकर महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रुचि चौहान भट्ट ने कहा, एजेंडाविहीन कांग्रेस, अनैतिक राजनीति की पराकाष्ठा से दिवंगत बेटी को अपमानित करने का पाप कर रही हैं। 

आज हुए पुतला दहन और विरोध प्रदर्शन कार्यकर्मों की जानकारी देते हुए महिला मोर्चा अध्यक्ष ने बताया कि कांग्रेस की नकारात्मक और अमर्यादित राजनीति से प्रदेश में आक्रोश व्याप्त है। जिसके प्रकटीकरण और जनता के सामने कांग्रेस का असली चेहरा लाने के लिए पार्टी के सभी 19 सांगठनिक जिलों में कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया है।

उन्होंने कांग्रेस पर इस संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिकरण करने का गंभीर आरोप लगाया है। कांग्रेस पार्टी के पास प्रदेश के विकास के लिए कोई स्पष्ट विजन या एजेंडा नहीं है। यही वजह है कि साढे तीन साल तक चुप रहने के बाद अब इस मुद्दे को लेकर जनता को फिर से गुमराह करने का काम कर रही है। उन्होंने सीधे आरोप लगाया कि जैसे-जैसे 2027 के विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा हैं, कांग्रेस अपनी खोई हुई जमीन तलाशने के लिए जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे मामले पर कांग्रेस द्वारा राजनीतिक रोटियां सेकना, उसकी हताशा को दर्शाता है।

रुचि चौहान भट्ट का कहा, SIT जांच के एक वरिष्ठ अधिकारी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि इस मामले में कोई ‘वीआईपी’ संलिप्त नहीं था।मामले के सभी पहलुओं की अत्यंत सूक्ष्मता और गंभीरता के साथ जांच की गई है। धामी सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एसआईटी टीम का गठन किया। दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दिलवाई । जिसमें 500 पन्नों की चार्जशीट और 100 से अधिक गवाहों के बयान शामिल थे।
उसपर कि जब कोर्ट ने दोषियों को सजा सुना दी है अब भी कांग्रेस द्वारा इसे मुद्दा बनाना किसी चुनावी स्टंट से कम नही हैं। क्योंकि कांग्रेस पार्टी के पास जनहित का कोई मुद्दा नहीं है। कांग्रेस पार्टी महज अपनी सियासी रोटियां सेकने के लिए नाटकबाजी कर रही है।

उनका दावा किया है कि प्रदेश सरकार ने बहुत गंभीरता और संवेदना के साथ अंकिता भंडारी हत्याकांड में काम किया था उत्तराखंड सरकार के निर्देश पर अंकिता को न्याय दिलाने के लिए घटना के 24 घंटे के भीतर आरोपियों को जेल भेजा गया था, SIT गठित कर जांच में पारदर्शिता लाई गई। इस मामले में 500 पन्नों की चार्जशीट और 100 से अधिक गवाहों के बयानों के आधार पर दोषियों को आजीवन कारावास की सजा मिली है। साथ ही, सरकार ने पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी। पीड़ित परिवार की मांग पर तीन बार सरकारी वकील को बदल गया सही पैरवी करने से आरोपियों को जमानत नहीं मिली। मगर कांग्रेस पार्टी गुमराह करने वाली सियासत से बाज नहीं आ रही है.

वहीं स्पष्ट किया कि भाजपा महिला मोर्चा ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है और अब आगे भी कांग्रेस पार्टी के झूठे आरोपों को बेनकाब किया जाएगा।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Copyright2017©Spot Witness Times. Designed by MTC, 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.