मुख्यमंत्री धामी ने चारधाम यात्रा-26 के लिए श्रद्धालुओं की संख्या की सीमा को समाप्त करने का लिया ऐतिहासिक निर्णय,
Uttrakhand 10 April 2026,
चारधाम यात्रा 2026 के दृष्टिगत जनपद रुद्रप्रयाग , चमोली हरिद्वार आदि जिलों में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने हेतु मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय दिखा। प्रदेश में 19 अप्रैल से चारधाम यात्रा 2026 शुरू हो रही है। 19 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री, 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।
इस अवसर पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आगामी चारधाम यात्रा-2026 के लिए तय की गई श्रद्धालुओं की संख्या की सीमा को पूरी तरह समाप्त किए जाने का सुझाव दिया। जिसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या की सीमा को पूरी तरह समाप्त करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।
मंत्री सौरभ बहुगुणा ने वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि, यह साझा करते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि मेरे विशेष अनुरोध और निरंतर प्रयासों पर संज्ञान लेते हुए, माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी ने चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या की सीमा को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।
मंत्री बहुगुणा ने कहा कि, देवभूमि के द्वार किसी भी श्रद्धालु के लिए सीमित नहीं होने चाहिए। मुख्यमंत्री श्री धामी के इस निर्णय से न केवल श्रद्धालुओं की आस्था का मान बढ़ा है, बल्कि हमारे गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सहित पूरे गढ़वाल मंडल के होटल व्यवसायियों, व्यापारियों और स्थानीय निवासियों की आर्थिकी को एक नई ऊर्जा और ‘संजीवनी’ मिलेगी। हमारी सरकार ‘सुरक्षित यात्रा-सुगम यात्रा’ के संकल्प के साथ दुनिया भर से आने वाले अतिथियों के स्वागत के लिए तत्पर है। आइए, इस बार की यात्रा को अब तक की सबसे भव्य और दिव्य यात्रा बनाएं।
