January 12, 2026

कांग्रेस वर्किंग कमेटी बैठक:मनरेगा को समाप्त करना, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान:5 जनवरी से कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर मनरेगा बचाने के लिए करेगी आन्दोलन

Delhi 27 December

दिल्ली के इंदिरा भवन स्थित ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी मुख्यालय में शनिवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक आयोजित हुई। कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को बचाने के लिए देशव्यापी संघर्ष का ऐलान किया है। इसके साथ ही अप्रैल-मई 2026 में असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में चुनाव तैयारियों और मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), नेशनल हेराल्ड केस, अरावली क्षेत्र से जुड़े मुद्दे पर चर्चा हुई।

सीडब्ल्यूसी की बैठक के बाद राहुल गांधी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि, मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि यह एक राइट्स-बेस्ड कॉन्सेप्ट था, जिसके जरिए देश के करोड़ों लोगों को हर साल निर्धारित आय मिलती थी। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मनरेगा के तहत राज्यों को मिलने वाले वित्तीय अधिकार,अब राज्यों से छीनकर केंद्र के पास ले जाया जा रहा है। जिससे राज्यों को आर्थिक नुकसान होगा और गरीब जनता को भारी तकलीफ झेलनी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि इस फैसले से गांवों की अर्थव्यवस्था को सीधा नुकसान पहुंचेगा। कांग्रेस नेता ने दोहराया कि पार्टी मनरेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बताया, मनरेगा कोई साधारण सरकारी योजना नहीं, बल्कि संविधान से मिला काम का अधिकार है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ग्रामीण मजदूरों के सम्मान, रोजगार, मजदूरी और समय पर भुगतान के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी ताकत से लड़ाई लड़ेगी। इसके लिए 5 जनवरी से कांग्रेस पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर मनरेगा बचाने की शपथ लेगी और एकजुट होकर आंदोलन किया जाएगा।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि, केन्द्र सरकार ने मनरेगा को समाप्त कर विकसित भारत-रोज़गार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) : वीबी–जी राम जी (विकसित भारत-जी राम जी) योजना लागू की है। यह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान है। और नाम हटाने की साजिश की साज़िश भी है। जिसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मनरेगा बचाना केवल एक योजना को बचाना नहीं, बल्कि संविधान और लोकतंत्र में लोगों के भरोसे को बचाने की लड़ाई है।

कांग्रेस वर्किंग कमेटी के महत्वपूर्ण फैसले:-

*हाल में संसद के शीतकालीन सत्र में मोदी सरकार ने मनरेगा को समाप्त कर करोड़ों गरीबों और कमजोर तबके के लोगों को बेसहारा कर दिया है। गरीबों के पेट पर लात मारने के साथ उनकी पीठ में मोदी सरकार ने छूरा घोंपा है। मनरेगा को समाप्त करना, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान है।

* यह संविधान के डायरेक्टिव प्रिंसिपल्स ऑफ़ स्टेट पॉलिसी का आर्टिकल 41 में दिए गए राइट्स जिस पर यूपीए सरकार ने महत्वपूर्ण कार्य किए, जैसे राइट टू फूड राइट टू वर्क, राइट टू एजुकेशन राइट टू हेल्थ। मुझे दुख है कि मोदी सरकार ने राइट टू वर्क पर सुनियोजित और क्रूर हमला किया है।

* मोदी सरकार को गरीबों की चिंता नहीं, बल्कि चंद बड़े पूंजीपतियों के मुनाफ़े की ही चिंता है।

* इस योजना ने ग्रामीण भारत का चेहरा बदला। यह विश्व का सबसे बड़ा ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम बना। इससे पलायन रुका, गावों को अकाल, भूख और शोषण से मुक्ति मिली। इस योजना ने दलितों, आदिवासियों, महिलाओं और भूमिहीन मज़दूरों को भरोसा दिया कि गरीबी से जंग में सरकार उनके साथ खड़ी है।

* मोदी सरकार ने बिना किसी अध्ययन या मूल्यांकन के, राज्यों से या राजनीतिक दलों से सलाह मशविरा के बिना इसे खत्म करके नया कानून थोप दिया। सारा काम तीन काले कृषि कानूनों जैसा किया।

*इस समय देशव्यापी आंदोलन की जरूरत है। इसका पुरजोर विरोध देश के हर कोने में होना चाहिए। क्योंकि इसके पहले जनवरी 2015 में जब मोदी सरकार ने कॉरपोरेट हितों में भूमि अधिग्रहण कानून बदला तो कांग्रेस के लोग सड़कों पर उतरे और सरकार को पीछे हटना पड़ा।

*अब तक देश के करीब 500 जिलों में नए जिला अध्यक्षों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अगले 120 दिनों में शेष जिलों में प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

*पर बात केवल नियुक्तियों तक सीमित नहीं है। हमें प्रदेश, ज़िला, ब्लॉक, मंडल और बूथ स्तर पर संगठन को सक्रिय, जवाबदेह और लड़ाकू बनाना होगा।

*अप्रैल-मई 2026 में असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में चुनाव होने हैं। हमारी तैयारियां जारी है। हम संगठित हो कर, पूरी एकता से चुनाव लड़ेंगे और लोकतंत्र को ताकतवर बनाएंगे।

* आज मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण एसआईआर एक गंभीर चिंता का विषय है। यह लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित करने की एक सोची समझी साजिश है। राहुल जी ने बार-बार तथ्यों और उदाहरणों के साथ ‘वोट चोरी’ का प्रमाण देश के सामने रखा है। बीजेपी और चुनाव आयोग की मिलीभगत जगजाहिर है। इसलिए हमें सुनिश्चित करना होगा कि हमारे वोटरों के नाम न काटे जाएं।

*हमें देखना होगा कि मतदाता सूची से गरीब और कमजोर तबकों के लोगों खास तौर पर दलित, आदिवासी, अति पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों के नाम न कटने पायें। न ही उन्हें दूसरे बूथों में ट्रांसफर किया जाए। इसके लिए हमारे बीएलएएस को वोटर लिस्ट लेकर घर-घर जाना होगा।2027 में जिन राज्यों में चुनाव होने हैं, वहां भी अभी से एक जुट होकर मतदाता सूचियों से लेकर सभी तैयारी में लग जाना चाहिए।

* बीते 11 वर्षों में देश ने देखा है कि किस तरह ईडी, आईटी, और सीबीआई जैसी संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है। बीजेपी और संघ परिवार नेशनल हेराल्ड के मुद्दे पर हमारे नेताओं की छवि को खराब करने में लगे है। हम न्यायिक लड़ाई लड़ रहे हैं। ‘सत्यमेव जयते’ ये बात राहुल जी हमेशा कहते हैं, हमारी जीत होगी।

* हाल के महीनों में बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों ने पूरे देश को चिंतित किया है। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं।

‌ कांग्रेस वर्किंग कमेटी बैठक में, कांग्रेस पार्लियामेंट्री पार्टी की चेयरपर्सन सोनिया गांधी और पार्टी के कई सीनियर नेता शामिल हुए। साथ ही कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, पूर्व सांसद सलमान खुर्शीद, सांसद अभिषेक मनु सिंघवी और राजीव शुक्ला शामिल हुए।

 

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