February 6, 2026

दो बच्चों की मौत के बाद जागा वन विभाग, गुलदार को मारने की अनुमति दी

प्रभागीय वनाधिकारी, गढ़वाल वन प्रभाग, पौड़ी का पत्रांक-2616/6-3-1, दिनांक 05 फरवरी 2024 से अवगत कराया गया है कि दिनांक 03.02.2024 को सांय लगभग 6:30 से 7:30 बजे मा० अंकित (उग्र-11 वर्ष) पुत्र श्री राकेश सिंह, ग्राम-ग्वाड, पो०-खिर्स, पट्टी-चलणस्यूं, पौड़ी गढ़वाल में गौशाला के सामने खेलते समय गुलदार द्वारा हमला किया गया, जिसमें बालक की मृत्यु हो गई।

उक्त घटना के पश्चात पुनः दिनांक 04.02.2024 को मा० अयान अन्सारी (उम्र-04 वर्ष) पुत्र श्री सलाम उद्दीन अन्सारी, ग्लास हाउस रोड़, श्रीनगर, पौड़ी गढ़वाल को रात्रि लगभग 9:00 बजे गुलदार द्वारा घर के आंगन से उठा कर लगभग 20 मीटर तक घसीटते हुये ले जाया गया। परिजनों एवं आस-पास के लोगों द्वारा जय शोर-गुल करते हुये बालक को गुलदार के चंगुल से छुडवाने का प्रयास किया गया तो गुलदार द्वारा काफी समय तक बालक को नहीं छोड़ा गया एवं गुलदार द्वारा परिजनों एवं आस-पास के लोगों को कुछ देर तक उग्रता के साथ देखा गया। उक्त दुखद घटना में भी चालक की मृत्यु हो गई।

प्रभागीय वनाधिकारी के अनुसार उक्त क्षेत्र में तैनात गश्ती टीम को पुनः गुलदार रात्रि के 02:00 बजे घटनास्थल पर दिखाई दिया। प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा अधोहस्ताक्षरी को दूरभाष पर घटनाकम से अवगत कराये जाने पर अधोहरताक्षरी द्वारा तत्काल गुलदार को पकडने हेतु पिंजरा लगाने एवं आवश्यकता पडने पर ट्रैक्युलाईज करने की अनुमति प्रदान की गयी। रात में गरती दल को गुलदार के गुरराने की आवाज सतत सुनाई दे रही है, जिससे गुलदार के उसी क्षेत्र में बने रहने की पुष्टि होती है। उक्त क्षेत्रों में कैमरा टैप, पी०आई०पी० एवं गरती दल तैनात किये गये है। उक्त दोनों घटनायें सांयकाल के समय घटित हुई है एवं दोनों घटनाओं के बीच की हवाई दूरी 9.2 किमी0 है। घनी आबादी के क्षेत्र मे गुलदार द्वारा इस प्रकार घात लगाकर हमला करना गुलदारर का सामान्य व्यवहार नही है। दोनों घटनास्थलों के बीच की दूरी एवं हमला करने की प्रणाली के परीक्षण के उपरान्त उक्त दोनों हमलें एक ही गुलदार द्वारा किये जाने की प्रबल संभावना प्रतीत होती है। प्रयासों के उपरान्त गुलदार के पिंजरें मे पकड मे न आने एवं टैंक्युलाईज न होने के दृष्टिगत एवं क्षेत्र मे हुई दोनों घटनाओं को देखते हुये गुलदार द्वारा पुनः मानव पर हमला किये जाने की सम्भावना से इन्कार नही किया जा सकता है। प्रभागीय वनाधिकारी द्वारा उपरोक्त के दृष्टिगत गुलदार को नष्ट करने की अनुमति चाही गयी है।

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