गैस का संकट बढ़ा तो होटलों को जलौनी लकड़ी देंगेः सुबोध
रुड़की: ईरान-इजराइल युद्ध की वजह से पैदा हो रहे गैस संकट का प्रदेश के संसदीय कार्य एवं वन मंत्री सुबोध उनियाल ने नया फार्मूला निकाला है। कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की किल्लत बढ़ने पर सरकार होटल-रेस्टॉरेट को उनकी जरूरत के अनुसार जलौनी लकड़ियां मुहैया कराएगी।
उनियाल ने इस बाबत वन विभाग के अफसरों को वन निगम से लकड़ी इंतजाम करने के निर्देश भी दे दिए हैं। वन मंत्री का यह फार्मूला आज सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चाओं में रहा। पीएनजी-सीएनजी के दौर में होटल रेस्टोरेंट को उनकी रसोई में चूल्हे जलाने के लिए लकड़ी देने की बात पर खूब चटखारे लिए जा रहे हैं। सदन में कांग्रेस ने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया।
राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान उनियाल का बयान जानकारी में आने पर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि प्रदेश में गैस का संकट पैदा हो रहा है। और वन मंत्री का बयान आ रहा है कि वो इस संकट को खत्म करने के जाए लकड़ियां मुहैया कराएंगे। विधायक काजी निजामुद्दीन ने कहा कि डबल इंजन की सरकार को तो गैस का इंतजाम करना चाहिए। लकड़ियों की बात कर वो प्रदेश को
युद्ध की वजह से उपजे हालात का मुकाबला करने को वन मंत्री का फार्मूला विपक्ष ने हास्यास्पद बताया, कहा- सरकार गैस का इंतजाम करे किस दिशा में ले जाना चाह रहे हैं? विपक्ष ने इस मुद्दे पर नियम 310 के तहत तत्काल सदन की कार्यवाही रोकते हुए चर्चा कराने की मांग रखी। हालांकि, विस अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने तकनीकि आधार पर इस मांग को स्वीकार नहीं किया।
विपक्ष के मुद्दा बनाते देख संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि, वर्तमान में राज्य में घरेलू रसोई गैस की कोई दिक्कत नहीं है। हालिया हालात की वजह से फिलहाल शैक्षिक संस्थान और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ें संस्थानों को कामर्शियल गैस सिलेंडर दिया जा रहा है।
ऐसे में यदि होटल-रेस्टारेंट आदि अन्य सेक्टर के सामने ईंधन की समस्या आती है, उसका सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ समाधान किया जाएगा। प्राथमिक रूप से वन निगम को जलौनी लकड़ी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है।
