ईरान के युद्धपोतों में से एक ‘आईरिस डेना’ श्रीलंका के गॉल तट के पास दुर्घटना ग्रस्त होकर डूबा,
Delhi, 04 March 2026,
ईरान की नौसेना के सबसे नए और रणनीतिक रूप से अहम युद्धपोतों में से एक ‘आईरिस डेना’ श्रीलंका के गॉल तट के पास दुर्घटना ग्रस्त होकर डूब गया है। यह युद्धपोत भारत के में आयोजित खापत्तनमजित ‘मिलन 2026’ नौसैनिक अभ्यास में भाग लेकर वापस लौट रहा था जो बुधवार, 4 मार्च सुबह प्रातः डुब गया। मिडिल ईस्ट पहले से ही गंभीर सैन्य तनाव से गुजर रहा है। ईरानी युद्धपोत के साथ हुई यह घटना वैश्विक युद्ध को भड़काने में हवा दे सकता है। ।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने इस हमले को अमेरिकी सैन्य कार्रवाई बताते हुए कहा, युद्ध के बाद यह पहली बार है जब अमेरिकी नौसेना ने किसी दुश्मन देश के युद्धपोत को टॉरपीडो से उड़ाया है। श्रीलंका की नौसेना और वायुसेना ने अब तक 32 नाविकों को बचाया है, जो गंभीर रूप से घायल हैं। जहाज पर सवार कुल 180 चालक दल के सदस्यों में से लगभग 148 नाविक अभी भी लापता हैं।
आईरिस डेना ईरान की नौसेना का एक फ्रिगेट श्रेणी का युद्धपोत है। इसे ईरान ने स्वदेशी तकनीक से विकसित किया है और इसे आधिकारिक तौर पर हाल के वर्षों में नौसेना बेड़े में शामिल किया गया था। यह ईरान के आधुनिक युद्धपोतों में गिना जाता है।आईरिस मकरान एक तेल टैंकर है, जिसे ईरान ने सैन्य सपोर्ट शिप में बदला है। यह युद्धपोतों को ईंधन, रसद, हेलिकॉप्टर ऑपरेशन और लंबी समुद्री तैनाती में सहायता प्रदान करने में सक्षम है। आईरिस डेना और मकरान की जोड़ी को ईरान की समुद्री रणनीति का मजबूत आधार माना जाता है। वैश्विक एजेंसियां और क्षेत्रीय नौसेनाएं घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
