वनभूलपूरा पर SC की टिप्पणी उत्साहबर्धक, राज्य के अवैध कब्जामुक्त होने की जगी उम्मीद: भट्ट
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि वन भूलपुरा अतिक्रमण को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों को उत्साहबर्धक बताते हुए कहा कि इससे राज्य को अबैध कब्जा मुक्त करने की दिशा मे एक उम्मीद जगी है।
भट्ट ने कहा कि देर सबेर न्यायालय का निर्णय सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण को लेकर आ सकता है। जहां तक प्रभावितों की बात है तो पीएम आवास एवं अन्य योजनाओं के माध्यम नियमानुसार पुनर्वास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वनभूलपूरा अतिक्रमण को लेकर पार्टी का मत स्पष्ट है। राज्य में अवैध कब्जा स्वीकार नही किया जायेगा। फिलहाल यह प्रकरण सर्वोच्च अदालत में लंबित है और सभी को अंतिम निर्णय का इंतजार है। हालांकि अब तक की सुनवाई में विद्वान न्यायाधीशों की जो भी टिप्पणियां आई हैं वे इस मुद्दे पर हमारे रुख को स्पष्ट करती हैं। वहां सरकारी जमीन पर दशकों तक तय रणनीति के तहत अवैध कब्जा किया गया है, जिसे पूर्व में यूपी उत्तराखंड की विपक्षी सरकारों का संरक्षण प्राप्त हुआ था। चूंकि रेलवे की तरफ से किए गए वाद पर हाईकोर्ट द्वारा कार्रवाई के आदेश का प्रदेश सरकार पालन कर रही थी, लेकिन कुछ लोग सुप्रीम कोर्ट चले गए।
अब सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों में भी स्पष्ट हुआ है कि वहां बसे हुए अधिकांश लोग अवैध कब्जेदार हैं। जिनका कोई भूमि अधिकार नहीं है कि वे रेलवे विकास योजनाओं के खिलाफ जाएं। इससे पूर्व ही सरकार और रेलवे द्वारा वहां के पीड़ित परिवारों के पुनर्वास को लेकर संविधान प्रद्धत योजनाएं प्रस्तुत की गई थी। लेकिन कुछ कट्टरपंथियों और कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों द्वारा उन्हें भड़काया गया है और जिससे कानूनी लड़ाई सुप्रीम कोर्ट पहुंची है। आज भी वहां पर कांग्रेस के स्थानीय विधायक और नेताओं द्वारा अवैध अतिक्रमणकारियों को न्यायालय में कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
भट्ट ने गोठ खत्तों को लेकर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन को झूठा शो करार दिया। उन्होंने सभी समुदायों के अधिकारों के सरंक्षण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि अपनी डबल इंजन सरकार मे कांग्रेस उनके अधिकारों को लेकर उदासीन और उनको छलने का कार्य करती रही और अब नौटंकी कर रही है।
