जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में छात्रों ने निकाली चेतावनी रैली:ब्राह्मणवाद, ठाकुरवाद भाजपा मुर्दाबाद के लगे नारे,नारे
Delhi, 16 February 2026,
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी जेएनयू के छात्र संगठन जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन जेएनयूएसयू के छात्रों ने रविवार रात अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कैंपस के अंदर चेतावनी रैली निकालकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों द्वारा सवर्ण विरोधी ब्राह्मणवाद, ठाकुरवाद मुर्दाबाद के नारे लगाए। साथ ही हिन्दू राष्ट्र ,भारतीय जनता पार्टी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा केंद्र सरकार के खिलाफ भी नारेबाजी की गई। रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के विरोध में भी नारे सुनाई दिए।
इस प्रदर्शन में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) की गाइडलाइंस को लागू करने और छात्रों के रस्टिकेशन आदेश को रद्द करने जैसे प्रमुख मुद्दों पर फोकस किया गया। छात्र यूनिवर्सिटी प्रशासन की नीतियों को लेकर अपनी चिंताओं की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए एकजुट हुए थे।
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी प्रशासन ने जेएनयूएसयू के चारों पदाधिकारियों प्रेसिडेंट अदिति मिश्रा और वाइस प्रेसिडेंट गोपिका के बाबू समेत चारों को एक विरोध प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय की संपत्ति में कथित तोड़फोड़ के आरोप में दो सेमेस्टर के लिए रस्टिकेट कर दिया था। छात्र संगठनों का आरोप है कि यह कार्रवाई कठोर और छात्र आवाज को दबाने वाली है, प्रजबकिशासन का कहना है कि कैंपस की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर नियमों के तहत कार्रवाई की गई है।
जनरल सेक्रेटरी सुनील, जॉइंट , कमिश्नर सेक्रेटरी दानिश अली और जेएनयूएसयू के पूर्व प्रेसिडेंट नीतीश कुमार को भी अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत रस्टिकेट कर दिया गया। इन पर डॉ. बीआर अंबेडकर सेंट्रल लाइब्रेरी में लगी फेशियल रिकग्निशन तकनीक को कथित तौर पर नुकसान पहुंचाने का आरोप है। कार्रवाई के तहत संबंधित छात्रों को तुरंत प्रभाव से पूरे जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी कैंपस से बाहर कर दिया गया। नीतीश कुमार के खिलाफ थे इक्वलिटी आदेश के अनुसार, जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन के पूर्व प्रेसिडेंट को 21 नवंबर 2025 को डॉ. बीआर अंबेडकर सेंट्रल लाइब्रेरीमें लगाए गए फेशियल रिकॉग्निशन टेक्नोलॉजी आधारित एक्सेस गेट को नष्ट करने का दोषी पाया गया है। जेएनयूएसयू ने एक बयान जारी कर विश्वविद्यालय के परिसर में छात्रों द्वारा आयोजित किए गए कार्यक्रम की कड़ी निंदा की है। वहीं छात्र संगठन का कहना है कि यह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग की गाइडलाइन ‘ प्रमोशन ऑफ रिक्विटी रेगुलेशन -2026’ को निलंबित करने के यूजीसी प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले छात्रों की जेएनयूएसयू को दबाने की कोशिश है। जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी प्रशासन ने नीतीश कुमार पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
