ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुलेंगे,
Uttrakhand 15 February 2026,
ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट इस यात्रा वर्ष में 22 अप्रैल को वृष लग्न में प्रात: 8 बजे श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुलेंगे। आज महाशिवरात्रि के अवसर पर शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में धर्माचार्यो द्वारा पंचांग गणना के पश्चात कपाटोद्घाटन की तिथि घोषित की गई। इस यात्रा वर्ष में श्री केदारनाथ धाम में एम टी गंगाधर मुख्य पुजारी का दायित्व संभालेंगे ।

आज रविवार को प्रातः महाशिवरात्रि के अवसर पर परंपरानुसार श्री केदारनाथ धाम के रावल, रावल भीमाशंकर लिंग, केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल, बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, उपाध्यक्ष विजय कपरवाण, बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल एवं मंदिर समिति सदस्यों, धर्माचार्यों,जन प्रतिनिधियों वेदपाठियों एवं पंचगाई हकहकूकधारियों की उपस्थिति में धर्माचार्यो ने पंचांग गणना के पश्चात कपाटोद्घाटन की तिथि घोषित की है।
इसके साथ ही भगवान श्री केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली के केदार प्रस्थान का कार्यक्रम भी घोषित हो गया। इस अवसर पर श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ को भव्य रूप से साढ़े नौ क्विंटल फूलों से सजाया गया था । दानदाताओं ने भंडारे का आयोजन किया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस अवसर पर श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में जय श्री केदार के उदघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ हरीश गौड़ ने बताया कि आज महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली यात्रा का श्री केदारनाथ धाम पहुंचने का कार्यक्रम भी घोषित हुआ। श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में 18 अप्रैल को भैरवनाथ जी की पूजा अर्चना संपन्न हो जाएगी। भगवान केदारनाथ जी की पंचमुखी डोली शीतकालीन गद्दी स्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ से 19 अप्रैल को फाटा रवाना होगी । 20 अप्रैल को दूसरे पड़ाव गौरीकुंड तथा 21 अप्रैल को पंचमुखी डोली श्री केदारनाथ धाम पहुंच जाएगी। 22 अप्रैल को प्रात: 8 बजे इस यात्रा वर्ष के लिए श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुल जाएंगे।
ग्यारहवें ज्योर्तिलिंग श्री केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुलेंगे,
The doors(Kapat) of the eleventh Jyotirlinga, Shri Kedarnath Dham, will open on April 22 will be opened for the devotees to visit,
