32 संशोधनों के साथ वित्त विधेयक 2026-27 संसद के दोनों सदनों से पारित,
Delhi 27 March 2026,
संसद ने आम बजट 2026-27 को मंजूरी दी है । आज राज्यसभा में वित्त विधेयक 2026-27 ध्वनिमत से पारित हो गया। जिसको वापस लोकसभा को लौटा दिया है । जिससे अगले वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट की प्रक्रिया पूरी हो गई है ।
लोकसभा ने 25 मार्च को 32 संशोधनों के साथ इस विधेयक को पारित किया था। लोकसभा की कार्यवाही आज शुक्रवार को सुबह 11 बजे शुरू हुई, जो गुरुवार को राम नवमी के कारण स्थगित कर दी गई थी। संसद के दोनों सदनों से विधेयक पारित हो गया है।
संसद ने शुक्रवार को वित्त विधेयक 2026-27 को मंजूरी दी, जिससे 1 अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्तीय वर्ष के लिए बजट की प्रक्रिया पूरी हो गई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत में लॉकडाउन की कोई गुंजाइश नहीं है। खासकर पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर गलतफहमी नहीं फैलानी चाहिए।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन की तैयारी है, जिसके लिए अगले महीने अप्रैल में दो दिनों का विशेष सत्र बुलाया जाएगा।
केंद्रीय बजट 2026-27 में कुल खर्च 53.47 लाख करोड़ रुपए रखा गया है, जो चालू वित्त वर्ष (31 मार्च तक 2026) के मुकाबले 7.7 प्रतिशत अधिक है। बजट में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपए के पूंजीगत खर्च (कैपिटल एक्सपेंडिचर) का प्रस्ताव है। जिससे अर्थव्यवस्था में विकास रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, जो पिछले साल के मुकाबले 2.2 लाख करोड़ रुपए ज्यादा है।वित्त मंत्री ने कहा कि बड़े प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करने के लिए एक इन्फ्रास्ट्रक्चर रिस्क डेवलपमेंट फंड बनाया जाएगा।
उन्होंने 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा को घटाकर जीडीपी के 4.3 प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य भी रखा है। सरकार आर्थिक विकास के साथ-साथ वित्तीय स्थिरता बनाए रखने की दिशा में काम कर रही है। सरकार वित्त वर्ष 2027 में इस घाटे को पूरा करने के लिए 11.7 लाख करोड़ रुपए का नेट उधार लेगी, जबकि कुल बाजार उधारी 17.2 लाख करोड़ रुपए रहने का अनुमान है।
