विकसित भारत का लक्ष्य भी किसी एक सरकार या एक पीढ़ी तक सीमित नहीं है। ये एक सतत यात्रा है। इस यात्रा में हम सभी के प्रयास, अनुशासन और निरंतरता का महत्व है: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु,
Delhi 28 January 2026,
संसद के बजट सत्र क आज 28 जनवरी बुधवार से संसद के बजट सत्र की शुरुआत हो गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश करेंगी। संसद सत्र की शुरुआत करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित किया। राष्ट्रपति ने संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए सरकार की उपलब्धियां बताईं और कहा कि बीता वर्ष भारत के तेज विकास और विरासत के उत्सव के रूप में स्मरणीय रहा है। ये कालखंड अपने साथ अनेक प्रेरणाएं लेकर आया है। इस समय वंदे मातरम् के 150 वर्ष होने पर पूरे देश में समारोह आयोजित हो रहे हैं। सभी देशवासी इस महान प्रेरणा के लिए, ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जी को नमन कर रहे हैं। राष्ट्रपति ने श्री गुरु तेग बहादुर जी, भगवान बिरसा मुंडा, सरदार वल्लभ भाई पटेल, भारत रत्न भूपेन हज़ारिका को याद कर नमन किया। जब देशवासी अतीत के ऐसे महान पड़ावों और अपने पूर्वजों के महान योगदान को याद करते हैं, तो नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है। ये प्रेरणा विकसित भारत की ओर हमारी यात्रा को और गति देती है।
राष्ट्रपति ने कहा , वर्ष 2026 के साथ ही हमारा देश इस सदी के दूसरे पड़ाव पर पहुंच गया है। भारत के लिए, इस सदी के पहले 25 वर्षों का समापन अनेक सफलताओं, गौरवशाली उपलब्धियों और असाधारण अनुभवों के साथ हुआ है। बीते 10-11 वर्षों में भारत ने हर क्षेत्र में अपनी नींव मजबूत की है। ये वर्ष 2047 तक विकसित भारत की तेज यात्रा का बहुत बड़ा आधार हैं। बाबा साहेब आंबेडकर ने हमेशा समानता और सामाजिक न्याय पर जोर दिया। हमारा संविधान भी हमें यही प्रेरणा देता है। सच्चा सामाजिक न्याय यानी देश के हर नागरिक को उसका पूरा हक मिले, बिना किसी भेदभाव के मिले। और इसी का नतीजा है कि पिछले एक दशक में 25 करोड़ देशवासी गरीबी को हराकर गरीबी से बाहर निकले हैं। पिछले एक दशक में गरीबों के चार करोड़ पक्के घर बने। बीते एक वर्ष में 32 लाख नए घर गरीबों को मिले हैं। जल जीवन मिशन के पांच वर्षों में साढ़े 12 करोड़ नए परिवारों तक पाइप से पानी पहुंचाया गया। बीते एक वर्ष में करीब एक करोड़ नए परिवारों तक नल से जल की सुविधा पहुंची है। उज्ज्वला योजना के माध्यम से अब तक 10 करोड़ से ज्यादा परिवारों को एलपीजी कनेक्शंस मिले हैं और पिछले वर्ष भी ये अभियान तेजी से आगे बढ़ा है। मेरी सरकार पारदर्शी और ईमानदार व्यवस्थाओं को स्थाई बना रही है। इसी एक वर्ष में सरकार ने, पौने सात लाख करोड़ रुपए से अधिक लाभ डीबीटी DBT के माध्यम से सीधे लाभार्थियों को पहुंचाया है। वर्ष 2014 की शुरुआत में सिर्फ 25 करोड़ नागरिकों तक ही सोशल सिक्योरिटी की योजनाएं पहुंच पाती थीं। सरकार के प्रयासों में निरंतरता की वजह से आज करीब 95 करोड़ भारतीयों को सोशल सिक्योरिटी का कवच मिला है आयुष्मान भारत योजना से बीते वर्ष तक, देश भर के अस्पतालों में 11 करोड़ से अधिक मुफ्त इलाज किए जा चुके हैं। इस योजना के तहत बीते वर्ष ढाई करोड़ गरीबों को मुफ्त इलाज मिला है। बीते लगभग डेढ़ वर्ष में करीब एक करोड़ बुजुर्गों को वय वंदना कार्ड जारी किए गए हैं। इनकी मदद से करीब 8 लाख बुजुर्गों ने अस्पताल में भर्ती रहते हुए अपना मुफ्त इलाज कराया है।
राष्ट्रपति ने कहा, आज देश के युवा, किसान, श्रमिक और उद्यमी विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका का लगातार विस्तार कर रहे हैं। पिछले वर्ष में भारत ने रिकॉर्ड साढ़े तीन सौ मिलियन टन से ज्यादा खाद्यान्न का उत्पादन किया है।150 मिलियन टन उत्पादन के साथ भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश बन गया है। हमारा देश विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश भी बना है। ये ब्लू इकॉनमी में देश की सफलता को दिखाता है। दूध उत्पादन के क्षेत्र में भी, भारत दुनिया के सबसे सफल देश के रूप में जाना जाता है। ये सहकारिता आंदोलन की मजबूती का परिणाम है। देश के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने भी इस दौरान रिकॉर्ड ग्रोथ दर्ज की है। मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग जैसी फील्ड में भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश बन गया है। 2025-26 के पहले 5 महीनों में भारत का स्मार्टफोन एक्सपोर्ट 1 लाख करोड़ रुपए के पार हो गया है। इस साल भारत ने सौ से अधिक देशों को इलेक्ट्रिक व्हीकल का निर्यात शुरू किया है। भारत आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर अभूतपूर्व निवेश कर रहा है। अटल जी के समय पीएम ग्रामीण सड़क योजना शुरू हुई थी। बीते एक वर्ष में भारत ने लगभग 18 हजार किलोमीटर नई ग्रामीण सड़कें जोड़ी हैं। अब भारत की करीब-करीब पूरी ग्रामीण आबादी सड़क से जुड़ चुकी है। भारतीय रेल तेजी से शत प्रतिशत इलेक्ट्रिफिकेशन के लक्ष्य की प्राप्ति की ओर आगे बढ़ रही है। मिजोरम के आइजोल और नई दिल्ली को डायरेक्ट रेल रूट से जोड़ा गया है। जम्मू-कश्मीर में विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज चिनाब ब्रिज और तमिलनाडु में नए पंबन ब्रिज का निर्माण कर भारत ने इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में एक कीर्तिमान स्थापित किया है। आज जम्मू-कश्मीर से केरल तक, 150 से ज्यादा वंदे भारत ट्रेनों का नेटवर्क खड़ा हो चुका है। भारत के मेट्रो नेटवर्क पर भी देशवासियों को गर्व है। 2025 में भारत का कुल मेट्रो नेटवर्क 1 हजार किलोमीटर के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गया है। भारत दुनिया के तीसरे सबसे बड़े मेट्रो नेटवर्क वाला देश बन गया है।
राष्ट्रपति ने अभिभाषण में बताया कि बीते 11 वर्षों में, देश की आर्थिक नींव बहुत मजबूत हुई है। दुनिया में अनेक प्रकार के संकटों के बावजूद भारत दुनिया की फास्टेस्ट ग्रोइंग मेजर इकॉनॉमी बना हुआ है। भारत ने महंगाई दर को कम रखने के अपने रिकॉर्ड को और बेहतर किया है। इसका सीधा फायदा देश के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को हो रहा है। मेरी सरकार की नीतियों के कारण देशवासियों की आय बढ़ी है, बचत बढ़ी है और खरीद शक्ति में भी वृद्धि हुई है। सभी ने देखा है कि कैसे जीएसटी में ऐतिहासिक नेक्स्ट जनरेशन रिफ़ॉर्म ने देशवासियों को उत्साह से भर दिया। इस रिफॉर्म के कारण देशवासियों को एक लाख करोड़ रुपए की बचत सुनिश्चित हुई। इनकम टैक्स कानून भी अब नए स्वरूप में सामने आया है। 12 लाख रुपए तक की आय पर टैक्स ज़ीरो करने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। ऐसे रिफॉर्म्स से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को अभूतपूर्व फायदा हो रहा है। इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिली है।
बीते 11 वर्षों में पूर्वोत्तर में 7,200 किलोमीटर से ज्यादा राष्ट्रीय राजमार्ग बनाए गए हैं। इससे दूर-दराज, पहाड़ी, जनजातीय और सीमावर्ती इलाकों तक पहुंचना आसान हुआ है। साथ ही, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत लगभग 50 हजार किलोमीटर ग्रामीण सड़कें बनी हैं। इससे बाजार, अस्पताल और स्कूलों तक पहुंचना सरल हुआ है। 11 वर्षों में पूर्वोत्तर में रेलवे के विकास पर 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है। अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और मिजोरम इन तीनों राज्यों की राजधानियां अब ब्रॉडगेज रेल लाइन से जुड़ चुकी हैं। इससे इन इलाकों में आर्थिक प्रगति, रोजगार और पर्यटन उद्योग के लिए नए द्वार खुले हैं।
आज किसानों को अनाज उत्पादन के साथ ही पशुपालन, मत्स्यपालन और मधुमक्खी पालन में भी आर्थिक प्रगति के रास्तों से जोड़ा जा रहा है। कोस्टलाइन पर रहने वाले मछुआरों को एक्सक्लूसिव इकोनामिक जोन का लाभ देने के लिए नई नीति बनी है। इसके साथ ही हाई सीज्स की क्षमताओं के इस्तेमाल में सक्षम बनाने के लिए भी नई पॉलिसी बनाई गई है। 2024-25 में देश का मत्स्य उत्पादन लगभग 200 लाख टन हो गया है। 2014 की तुलना में इसमें कुल 105 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।एग्रिकल्चर सेक्टर के आधुनिकीकरण के लिए और बेहतर लॉजिस्टिक्स निर्माण के लिए एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड की व्यवस्था भी की है। मुझे ये साझा करते हुए खुशी हो रही है कि इसके जरिए अब तक सवा लाख करोड़ रुपये से अधिक का निजी निवेश आकर्षित हुआ है। इससे युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए मार्ग भी सृजित हुए हैं।
राष्ट्रपति ने कहा, सरकार की नीतियों के अनुरूप सुरक्षाबलों ने माओवादी आतंक पर भी निर्णायक कार्रवाई की है। वर्षों तक देश के 126 जिलों में असुरक्षा, भय और अविश्वास का वातावरण था। माओवादी विचारधारा ने कई पीढ़ियों का भविष्य अंधकार में डाल दिया। इसका सबसे ज्यादा नुकसान हमारे युवाओं, आदिवासी और दलित भाई-बहनों को हुआ। आज माओवादी आतंक की चुनौती 126 जिलों से घटकर आठ जिलों तक सिमट गई है। इनमें भी 3 जिले ही ऐसे हैं, जो गंभीर रूप से प्रभावित हैं। इस एक साल में माओवाद से जुड़े लगभग 2 हजार लोगों ने आत्मसमर्पण किया है। इससे लाखों नागरिकों के जीवन में शांति लौटी है।
पीएलआई योजना से अभी तक लगभग दो लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित हुआ है। साथ ही 17 लाख करोड़ रुपये से अधिक का उत्पादन हुआ है। भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर अभूतपूर्व गति से विकास कर रहा है। बीते 11 वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्शन में 6 गुणा वृद्धि हुई है। आज ये 11 लाख करोड़ रुपए का हो चुका है। वर्ष 2025 में भारत का डिफेंस प्रोडक्शन डेढ़ लाख करोड़ रुपए से पार हो चुका है। और डिफेंस एक्सपोर्ट भी रिकॉर्ड 23 हज़ार करोड़ रुपए से ऊपर चला गया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद, मेड इन इंडिया डिफेंस प्लेटफॉर्म्स पर भरोसा मजबूत हुआ है। निवेश और निर्यात के मामले में भारत की वैश्विक हिस्सेदारी निरंतर बढ़ रही है। बीते 11 वर्षों में भारत में लगभग सात सौ पचास बिलियन डॉलर का एफडीआई आया है।
राष्ट्रपति ने डिजिटल इंडिया के बारे मे कहा, बीते वर्ष देश में 1 लाख से ज्यादा मोबाइल टावरों के ज़रिए 4G और 5G नेटवर्क को देश के कोने-कोने तक पहुंचाया गया है। डिजिटल इंडिया के विस्तार ने भारत को हजारों करोड़ की क्रिएटिव इकॉनॉमी के एक बड़े ग्लोबल सेंटर के रूप में पहचान दी है। क्रिएटिव इक़ॉनॉमी को और गति देने के लिए सरकार ने वेव्स का नया प्लेटफॉर्म भी बनाया है। आज स्कूल के स्तर से ही, बच्चों में टेक्नॉलॉजी और इनोवेशन का माइंडसेट बनाया जा रहा है। इसमें अटल इनोवेशन मिशन प्रभावी काम कर रहा है। अभी तक देशभर में एक करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को अटल टिंकरिंग लैब्स का लाभ मिल चुका है। इसके अलावा राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन के माध्यम से भी रिसर्च और डेवलपमेंट के कल्चर को गति मिल रही है। देश के आईटीआई नेटवर्क को अपग्रेड करने के लिए एक हजार आईटीआई को फ्यूचर रेडी बनाया जा रहा है। इस पर पीएम-सेतु योजना के तहत साठ हजार करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।
राष्ट्रपति ने अभिभाषण के अंत में कहा, आज सभी देशवासी देख रहे हैं कि भारत अपने भविष्य के एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर है। आज जो निर्णय लिये जा रहे हैं, इनका प्रभाव आने वाले वर्षों में दिखाई देगा। विकसित भारत का लक्ष्य भी किसी एक सरकार या एक पीढ़ी तक सीमित नहीं है। ये एक सतत यात्रा है। इस यात्रा में हम सभी के प्रयास, अनुशासन और निरंतरता का महत्व है। आने वाले समय में देश की प्रगति हमारे सामूहिक संकल्पों से ही होगी। मुझे विश्वास है कि संसद, सरकार और नागरिक, तीनों मिलकर विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करेंगे। हम भारतवासी राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए संवैधानिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ेंगे। सभी देशवासी अपने कर्तव्यों का निर्वहन राष्ट्रहित, राष्ट्र कल्याण में करेंगे, इसी विश्वास के साथ मैं सभी सांसदों को एक सफल और सार्थक सत्र के लिए शुभकामनाएं देती हूं।
