April 3, 2026

दोनों सदनों की कार्यवाही को 16 अप्रैल तक के लिए किया स्थगित: 

Delhi 02 April 2026,

राज्यसभा में बुधवार को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 को ध्वनि मत से पारित कर दिया। विपक्ष ने इस विधेयक का विरोध करते हुए सदन से वॉकआउट किया। अब विधेयक को कल गुरुवार को लोकसभा में पेश किया जाएगा। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल विधेयक को केंद्रीय बलों का मनोबल तोड़ने का प्रयास करार दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र में उनकी पार्टी की सरकार आने पर इस प्रस्तावित कानून को समाप्त कर दिया जाएगा। प्रस्तावित कानून का केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के विभागीय अधिकारियों द्वारा कड़ा विरोध किया जा रहा है।

केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, में प्रावधान है कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में आईपीएस अधिकारियों की नियुक्ति के लिए, 50 प्रतिशत पद महानिरीक्षक रैंक में प्रतिनियुक्ति द्वारा और न्यूनतम 67 प्रतिशत पद अतिरिक्त महानिदेशक रैंक में प्रतिनियुक्ति द्वारा भरे जाएंगे। यह प्रस्तावित विधेयक अक्टूबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा केंद्र की उस याचिका को खारिज करने के बाद आया है जिसमें 2025 के अपने फैसले की समीक्षा की मांग की गई थी। उस फैसले में निर्देश दिया गया था कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड (एसएजी) स्तर तक आईपीएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को धीरे-धीरे कम किया जाना चाहिए और 6 महीने के भीतर कैडर समीक्षा करने का आदेश दिया गया था। इसके तहत महानिरीक्षक रैंक स्तर पर 50% पद आईपीएस अधिकारियों के लिए, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्तर पर न्यूनतम 67% पदों पर आईपीएस की नियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा ‘स्पेशल डीजी’ और ‘डीजी’ के सभी पद आईपीएस अधिकारियों हेतु आरक्षित किए जाएंगे और ग्रुप ‘ए’ अधिकारियों की सेवा शर्तों के लिए एक सिंगल लीगल फ्रेमवर्क बनाया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह विधेयक प्रशासनिक स्पष्टता लाएगा, मुकदमों की संख्या कम करेगा और राष्ट्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर अनुभवी नेतृत्व लाएगा।

वहीं, प्रस्तावित कानून का केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के विभागीय अधिकारियों द्वारा कड़ा विरोध किया जा रहा है। उनका कहना है कि शीर्ष पदों के आरक्षित होने से कैडर अधिकारियों के करियर में ठहराव आता है और उच्च पदों से वंचित रखे जाने के कारण भेदभाव की भावना उत्पन्न होती है। साथ ही आलोचकों का तर्क है कि यह विधेयक सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दी गई ओजीएएस की भावना और निर्देशों के विपरीत है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल विधेयक को केंद्रीय बलों का मनोबल तोड़ने का प्रयास करार दिया और कहा कि केंद्र में उनकी पार्टी की सरकार आने पर पर इस प्रस्तावित कानून को समाप्त किया जाएगा। उन्होंने एक वीडियो जारी कर यह दावा भी किया कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 को उस दिन लोकसभा में चर्चा और पारित कराने के लिए लाया गया है, जिस दिन वह असम के चुनावी दौरे पर हैं।

राहुल ने कहा कि उन्होंने बुधवार को सरकार से आग्रह किया था कि वह इस विधेयक पर सदन में बोलना चाहते हैं, ऐसे में इसे पारित करवाने की तिथि थोड़ा आगे-पीछे कर दी जाए लेकिन सरकार नहीं चाहती कि वह इस विषय पर बोलें। लोकसभा में बृहस्पतिवार को इस विधेयक पर चर्चा होगी। राज्यसभा ने बुधवार को विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया। सरकार का कहना है कि यह कानून बनने के बाद इन बलों का बेहतर प्रबंधन होगा और कार्यकुशलता बढ़ेगी।

*** लोकसभा में नक्सल मुक्त डेडलाइन पर बोले केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बजट सत्र के चलते बीते 30 मार्च 2026 को घोषणा की कि देश नक्सल मुक्त हो चुका है। इसके लिए उन्होंने 31 मार्च 2026 की डेडलाइन दी थी। आज भी लोकसभा में नक्सलियों के खात्मे को लेकर चर्चा हुई। इस दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने जवाब दिया। अमित शाह के निशाने पर नक्सलियों के समर्थक भी रहे। उन्होंने कहा कि इस देश में जितना पाप बंदूक थामने वालों ने किया, उतना ही इसमें भागीदार उनका समर्थन करने वाले हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें

***केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आम सहमति बनाने के लिए पिछले दिनों में एनडीए के कुछ घटक दलों और विपक्ष के कुछ क्षेत्रीय दलों के नेताओं के साथ केन्द्रीय सशस्त्र अलग-अलग बैठकें कीं. लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रावधान के लिए 2023 में संविधान संशोधन विधेयक (नारी शक्ति वंदन विधेयक) पारित किया गया था, हालांकि उसे परिसीमन की प्रक्रिया के बाद ही लागू किया जा सकता है. सूत्रों का कहना है कि जिस रूपरेखा को लेकर चर्चा जारी है, उसके अनुसार लोकसभा सीटों की संख्या मौजूदा 543 से बढ़कर 816 हो जाएंगी, जिसमें 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। वहीं दोनों सदनों की कार्यवाही को 16 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

** आम आदमी पार्टी राज्यसभा में अपने नेतृत्व में बदलाव करते हुए राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटा दिया है और उनकी जगह अशोक मित्तल को नियुक्त किया है।पंजाब से राज्यसभा सांसद और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के चांसलर अशोक मित्तल अब उच्च सदन में पार्टी के उपनेता के रूप में कार्य करेंगे। वहीं, राज्यसभा में पार्टी के नेता का पद संजय सिंह के पास ही बना रहेगा।पार्टी ने इस बदलाव की आधिकारिक जानकारी एक पत्र के माध्यम से राज्यसभा सचिवालय को दे दी है।

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