April 7, 2026

अमेरिकी सेना F-15E स्ट्राइक ईगल विमान के दोनों क्रू मेंबर्स को ईरान की जमीन से सुरक्षित बाहर निकाल लाए

Washington 06 April य2026,

अमेरिकी सेना ने अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल विमान के दोनों क्रू मेंबर्स को ईरान की जमीन से स्पेशल सैन्य आपरेशन चला कर सुरक्षित बाहर निकाल लाए हैं। करीब 200 अमेरिकी स्पेशल फोर्स के जवानों ने रात के अंधेरे में यह मिशन चलाया। इससे पहले दिन के उजाले में पायलट को बोल्ड क्विक स्नैच ऑपरेशन से निकाला जा चुका था। दूसरा मिशन ज्यादा खतरनाक था क्योंकि डब्ल्यूएसओ घायहल था और चारों तरफ दुश्मन थे। ट्रंप ने कहा, “हमने उसे नहीं छोड़ा. यह अमेरिकी ताकत और हमारे सहयोगियों का कमाल है.” दोनों अधिकारी सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए हैं।

बता दें कि, ईरान ने अमेरिकी F-15E स्ट्राइक विमान को मार गिराया। विमान के दोनों क्रू पैराशूट से बच तो गए, लेकिन वे अलग-अलग जगहों पर उतरे। अमेरिकी सेना ने पायलट को तो जल्दी ढूंढ लिया गया, लेकिन घायल वेपन्स सिस्टम ऑफिसर 24 घंटे से अधिक समय तक। पहाड़ी दरार में छिपा रहा। उसने अपने कमांड को सिर्फ तीन शब्द भेजे, “God is Good”. ये तीन शब्द बन गए जीवन की डोर_बन गए गए हैं।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रेसछ कॉन्फ्रेंस में बताया कि जब यह संदेश रेडियो पर आया, तो शुरू में अमेरिकी अधिकारी हैरान रह गए. ट्रंप ने कहा, “रेडियो पर ‘Power be to God’ जैसा कुछ सुनाई दिया. हमें लगा कि कोई मुस्लिम व्यक्ति बोल रहा है. यह ईरानी का जाल हो सकता था.” लेकिन बाद में पता फोर्सचला कि अधिकारी बेहद धार्मिक है और उसने सच में यही कहा था. डिफेंस अधिकारियों ने पुष्टि की कि संदेश ‘God is Good’ ही था. इसके बाद पूरी मशीनरी हिल गई।

घायल डब्ल्यूएसओ पहाड़ की एक गहरी दरार में छिप गया. चारों ओर हजारों ईरानी सैनिक और स्थानीय लोग उसे ढूंढ रहे थे. तेहरान ने उसके सिर पर इनाम भी रख दिया था, लेकिन इस अधिकारी ने एस ई आर उ िSERE ट्रेनिंग का कमाल दिखाया. उसने बीकन का कम से कम इस्तेमाल किया ताकि लोकेशन एक्सपोज न हो, और एन्क्रिप्टेड डिवाइस से अमेरिकी फोर्स से संपर्क बचंनाए रखा. अमेरिकी सर्वेलांस टेक्नोलॉजी ने आखिरकार उसकी सटीक लोकेशन ट्रैक कर ली।

बचाव से पहले सीआईए ने एक बड़ा डिसेप्शन मिशन चलाया. एजेंसी ने झूठी खबर फैला दी कि एयरमैन को पहले ही ढूंढ लिया गया है और जमीनी रास्ते से बाहर निकाला जा रहा है. इस जाल ने ईरानी सर्च टीम को गलत दिशा में भेज दिया राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि इजरायल ने भी इस ऑपरेशन में अहम मदद दी। इजरायली खुफिया एजेंसी ने ईरानी सैनिकों की मूवमेंट की जानकारी दी, जबकि इजरायली एयर फोर्स ने रेस्क्यू जोन की तरफ बढ़ रहे ईरानी बलों पर हमला करके उन्हें धीमा कर दिया.

 

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