March 7, 2026

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड सरकार के 4 वर्ष पूर्ण होने पर हरिद्वार में ₹1132 करोड़ से अधिक के विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यों का किया लोकार्पण और भूमि पूजन,

Uttrakhand, 07 March 2026,

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को हरिद्वार के बैरागी कैंप में ‘जन जन की सरकार, 4 साल बेमिसाल’ कार्यक्रम में ₹1132 करोड़ से अधिक के विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री शाह ने कहा कि आज 1132 करोड़ रुपए से अधिक के विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन हुआ है। नई न्याय संहिताओं पर प्रदर्शनी भी आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में अंग्रेजों द्वारा बनाए गए 150 साल पुराने कानून को समाप्त कर नई न्याय संहिताएं बनाई गई हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नए कानून 2028 तक पूरी तरह लागू कर दिए जाएंगे। इसके बाद एफआईआर दर्ज होने से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक की न्यायिक प्रक्रिया 3 साल में पूरी हो जाएगी और समय पर न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि ये दुनिया की सबसे आधुनिक और सबसे वैज्ञानिक न्याय संहिताएं हैं।

केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज उत्तराखंड के 1900 युवाओं को पुलिस कांस्टेबल की नौकरी मिली है। उन्होंने इन युवाओं से सवाल किया कि अगर विपक्षी पार्टी की सरकार होती तो क्या उन्हें यह नौकरी मिल पाती? श्री शाह ने कहा कि विपक्षी पार्टी की सरकार होती तो नौकरी के लिए पर्ची भी चाहिए होती और खर्ची भी लगती। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा बनाए गए नकल विरोधी कानून ने रोजगार के क्षेत्र में पारदर्शिता लाने का काम किया है।

श्री शाह ने कहा कि आज पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए 162 लोगों को भारत की नागरिकता दी गई। उन्होंने कहा कि जब वे सीएए कानून लेकर आए थे, तब विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने संसद में खूब हो-हल्ला किया था।श्री शाह ने कहा कि वे आज फिर से कहना चाहते हैं कि बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान से आए हिन्दू, सिख, बौद्ध और जैन शरणार्थियों का इस देश पर उतना ही अधिकार है जितना इस देश पर यहाँ के नागरिकों का अधिकार है। उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति के कारण आजादी से लेकर अब तक इन शरणार्थियों को नागरिकता से वंचित रखा गया। ढेर सारी यातनाएं झेलकर वे हमारे देश में शरणार्थी बनकर आए हैं। गृह मंत्री ने सवाल किया कि ये शरणार्थी अपना धर्म और अपने परिवारों की महिलाओं का सम्मान बचाने के लिए आए हैं, ऐसे में क्या भारत उन्हें नागरिकता नहीं देगा? उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं को जितना विरोध करना है, कर लें, लेकिन हम इन शरणार्थियों को नागरिकता देकर रहेंगे।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज न सिर्फ उत्तराखंड में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी की सरकार के चार साल पूरे होने के साथ राज्य में हमारी पार्टी की सरकार के 9 साल भी पूरे हो रहे हैं। केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि बीते चार साल में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी ने राज्य की एक-एक समस्या को चुन-चुन कर समाप्त करने का रचनात्मक प्रयास किया है। इसके कारण आज उत्तराखंड विकास के रास्ते पर ‘दिन दूनी रात चौगुनी’ गति से बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि एक जमाना था जब देवभूमि उत्तराखंड अपने अधिकारों के लिए संघर्षरत था। उत्तराखंड को अलग राज्य बनाकर इसे अलग पहचान दिलाने और उत्तराखंड की संस्कृति को बचाने के लिए उत्तराखंड के युवा मैदान में उतरे थे। श्री शाह ने कहा कि उस वक्त मौजूदा विपक्षी पार्टियों ने उत्तराखंड के युवाओं पर असहनीय दमन किया था। अनेक युवाओं को गोली लगी और कई ने बलिदान दिया। रामपुर तिराहे की घटना आज भी उत्तराखंडवासी भूले नहीं हैं। गृह मंत्री ने कहा कि हमारे नेता और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी ने उत्तराखंड को अलग राज्य बनाने का काम किया।

केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने कहा कि विपक्षी पार्टी ने केन्द्र में अपनी सरकार के समय 2004 से 2014 तक उत्तराखंड को अनुदान के तौर पर सिर्फ ₹54,000 करोड़ दिए, वहीं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने 2014 से 2024 तक राज्य को ₹1 लाख 87 हजार करोड़ देने का काम किया। इसके अलावा, केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री, गंगोत्री यानि 900 किलोमीटर के चार धाम महामार्ग के लिए ₹12 हजार करोड़, दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए ₹8 हजार करोड़, ₹5 हजार करोड़ से उत्तराखंड में 30 राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण, ₹2200 करोड़ से टनकपुर में 8 मार्गों के निर्माण, नजीबाबाद, अफजलगढ़ बाईपास, पुरकाजी, लक्सर और हरिद्वार रोड के नवीनीकरण के लिए भी धनराशि दी।

गृह मंत्री ने कहा कि राज्य का बजट विकास का द्योतक होता है। 2009 से 2014 के दौरान उत्तराखंड का औसत रेल बजट ₹187 करोड़ था, जबकि पिछले नौ साल में यह बढ़कर लगभग ₹4770 करोड़ हो चुका है। यह बताता है कि उत्तराखंड कितना आगे बढ़ा है। ₹26000 करोड़ की लागत से तीन नए रेलवे प्रोजेक्ट दिए गए। 303 किलोमीटर रेलमार्ग का विद्युतीकरण हुआ। 147 करोड़ रुपए से 11 अमृत स्टेशन विकसित हो रहे हैं। 100 फ्लाईओवर और अंडर ब्रिज बने हैं। सबसे बड़ी रेल सुरंग (ऋषिकेश से कर्णप्रयाग) बनाने का काम हुआ है। कई सारे हेलीपैड बने हैं। देहरादून एयरपोर्ट को आधुनिक किया गया है। एग्रीकल्चर और मत्स्य पालन के लिए ढेर सारा काम हुआ है। पर्वतमाला रोप में विकास कार्यक्रम में ₹2400 करोड़ दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि 2014 में उत्तराखंड की प्रति व्यक्ति आय ₹1,80,000 थी, जबकि अब यह बढ़कर ₹2,74,000 हो गई है। उत्तराखंड की जीएसडीपी ₹2,22,000 करोड़ थी जो बढ़कर ₹3,82,000 करोड़ हो चुकी है।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री अजय टम्टा, विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु भूषण खंडूड़ी, राज्य सभा सांसद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, हरिद्वार सांसद और पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, पूर्व सीएम श्री तीरथ सिंह रावत, पूर्व सीएम डॉ रमेश पोखरियाल निशंक, पूर्व सीएम विजय बहुगुणा, टिहरी सांसद श्रीमती माला राज्य लक्ष्मी, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, नैनीताल सांसद अजय भट्ट, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, डॉ धन सिंह रावत, सुबोध उनियाल, श्रीमती रेखा आर्य, सौरभ बहुगुणा, मुख्य सचिव आनंद वर्धन सहित कई विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी शामिल हुए।

 

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Copyright2017©Spot Witness Times. Designed by MTC, 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.