ट्राउट प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना से मात्स्यिकी सेक्टर उत्तराखंड राज्य में तीव्र गति से बढने वाला तीसरा सेक्टर बना: सौरभ बहुगुणा केबिनेट मंत्री उत्तराखंड।
Exif_JPEG_420
Dehradun, 13 February 2026,
आज शुक्रवार को सौरभ बहुगुणा केबिनेट मंत्री उत्तराखण्ड सरकार की अध्यक्षता में ‘उत्तराखण्ड राज्य मत्स्य पालक विकास अभिकरण’ की प्रबन्ध समिति की 22वीं बैठक उत्तराखण्ड सचिवालय के वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार में आयोजित की गयी। बैठक में राज्य के ट्राउट मत्स्य पालको को ससमय मत्स्य बीज उपलब्ध कराये जाने के लिए डेनमार्क से 25 लाख ट्राउट ओवा का आयात किये जाने, राज्य की विभिन्न झीलो में संरक्षण व संवर्द्धन तथा एक्वाटूरिज्म को बढाये दिए जाने हेतु केज कल्चर कार्यों सहित अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री श्री बहुगुणा ने कहा, प्रदेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली हमारी सरकार द्वारा पिछले 4 वर्षो में मत्स्य विभाग हेतु औसतन प्रतिवर्ष 22 प्रतिशत बजट की वृद्धि की है। जिससे नवीन स्वीकृत ट्राउट प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना से मात्स्यिकी सेक्टर उत्तराखंड राज्य में तीव्र गति से बढने वाला तीसरा सेक्टर बन गया है। मंत्री श्री बहुगुणा ने किसानो की आय बढाने हेतु सकारात्मक कार्यो को धरातल पर उतारे जाने, मत्स्य पालको द्वारा उत्पादित मछलियो के विपणन हेतु आवश्यक प्रमाणीकरण पर कार्यवाही करने एवं प्रथम फेज में 100 टन ट्राउट मछली के निर्यात पर कार्य किये जाने के निर्देश दिये गये। साथ ही केन्द्रीय शीतजल मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान, भीमताल एवं मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय, पंतनगर के सहयोग लिये जाने के भी निर्देश दिये गये।

बैठक मे निर्माणाधीन राज्य स्तरीय इण्टीग्रेटेड एक्वापार्क में निर्यात उन्मुख प्रोसेसिंग यूनिट, तिलैपिया एवं पंगेशियस हैचरी के बेहतर संचालन एवं कार्यों हेतु भारत सरकार की प्रतिष्ठित संस्थाओ के साथ परामर्शी सेवाये किये जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही राज्य के ट्राउट मत्स्य पालको को ससमय मत्स्य बीज उपलब्ध कराये जाने हेतु डेनमार्क से 25 लाख ट्राउट ओवा का आयात किये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। राज्य की विभिन्न झीलो में संरक्षण व संवर्द्धन तथा एक्वाटूरिज्म को बढाये जाने हेतु केज कल्चर कार्यों पर सहमति बनी।जिसके लिए सम्बन्धित विभाग अथवा संस्था से मंजूरी ली जायेगी। जनपद हरिद्वार एवं उधमसिंहनगर को आर्नामेंटल फिशरीज हब के रूप में विकसित किये जाने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में अभिकरण के उपाध्यक्ष उत्तम दत्ता, डॉ. सचिव मत्स्य बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, उत्तराखण्ड शासन, निदेशक मत्स्य / सचिव चन्द्र सिंह धर्मशक्तु , अपर सचिव वित्त विभाग उत्तराखण्ड शासन खजान चन्द्र पाण्डेय, उप निदेशक, मत्स्य विभाग अनिल कुमार, विज्ञान महाविद्यालय पंतनगर के विभागाध्यक्ष अवधेश कुमार, मुख्य अभियंता, सिंचाई विभाग शरद श्रीवास्तव, कुमायूँ विश्वविद्यालय नैनीताल के प्रोफेसर एच.सी.बिष्ट, केन्द्रीय शीतजल मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान के प्रतिनिधि एवं अन्य विभिन्न विभागो के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।
