भारत-बांग्लादेश अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा पर भारतीय तटरक्षक ने 32 बांग्लादेशी मछुआरों को बचाया।

देहरादून 23 अगस्त 2022,

दिल्ली: भारत-बांग्लादेश अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा पर भारतीय तटरक्षक दल ने ने 32 बांग्लादेशी मछुआरों की जान बचाई और दोनों तटरक्षकों के बीच मौजूदा समझौते के अनुसार बांग्लादेश तटरक्षक को उन्हें सौंप दिया। भारतीय तटरक्षक जहाज “वरद” ने भारत-बांग्लादेश अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा पर नौकाएं पलटने के बाद 32 बांग्लादेशी मछुआरों को बचाया और उन्हें सुरक्षित रूप से बांग्लादेश तटरक्षक जहाज ‘ताजुद्दीन (पीएल-72)’ को सुपुर्द कर दिया। बांग्लादेश तटरक्षक ने बांग्लादेशी मछुआरों की जान बचाने की मानवीय भूमिका के लिए भारतीय तटरक्षक को धन्यवाद दिया है।

भारतीय तटरक्षक के सूत्रों के अनुसार बांग्लादेशी मछुआरों की नावें चक्रवाती मौसम/ समुद्री दबाव के दौरान पलट गई थीं, यह नौकाएं 19-20 अगस्त 2022 के बीच बांग्लादेश एवं पश्चिम बंगाल के तट के साथ-साथ चल रही थीं। नौकाओं के पलटने के लगभग 24 घंटे बाद जब इन मछुआरों को दिनांक 20 अगस्त 2022 को भारतीय तटरक्षक जहाजों और विमानों द्वारा देखा गया था तब इनमें से अधिकांश मछुआरे अशांत समुद्र में नेट्स/तैरने वाले उपकरणों से चिपके हुए पाए गए थे और जीवित रहने के लिए संघर्ष कर रहे थे। 32 बांग्लादेशी मछुआरों में से 27 को भारतीय तटरक्षक द्वारा गहरे पानी में बचाया गया था और शेष 05 को भारतीय मछुआरों द्वारा उथले क्षेत्र में बचाया गया था।

भारतीय तटरक्षक मौसम/ चक्रवात से उत्पन्न जोखिमों को कम करने के लिए पश्चिम बंगाल और ओडिशा के संबंधित राज्यों के नागरिक प्रशासन, मत्स्य अधिकारियों तथा स्थानीय मछली पकड़ने वाले / ट्रॉलर संगठनों के साथ समन्वय कर काम करते हैं।

 

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