June 25, 2026

20 लाख रुपये से अधिक के लेन देन करने पर , 26 मई से पैन या आधार को अंकित करना अनिवार्य हो गया है।

देहरादून 26 मई 2022,

दिल्ली: बैंक में एक वित्तीय वर्ष में 20 लाख रुपये से अधिक के लेन देन करने पर , 26 मई से पैन या आधार को अंकित करना अनिवार्य हो गया है। यही नियम बैंकों में करंट खाता खोलने पर भी लागू होगा।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इस मामले में अधिसूचना जारी कर सूचित किया है कि एक वित्तीय वर्ष में बैंकों से उच्च मूल्य जमा या निकासी के लिए स्थायी खाता संख्या (पैन) या आधार नंबर प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा । इसके साथ ही 26 मई से बैंक या डाकघर में खाता खुलवाने के लिए पैन या आधार नंबर प्रस्तुत करना जरूरी है।

आयकर रिटर्न भरने के लिए वर्तमान में, पैन और आधार जरूरी हैं। हर किसी के लिए लेन-देन में पैन कार्ड का उपयोग पिछले काफी समय से अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि, ऐसे मामलों में जहां उच्च मूल्य के लेन-देन, जैसे कि विदेशी मुद्रा की खरीद या बैंकों से भारी निकासी, के लिए शख्स के पास पैन नहीं है तो वित्त अधिनियम, 2019 के तहत आधार के स्थान पर आधार नंबर विकल्प के रूप में उपयोग किया जा सकता है।

यह प्रावधान किया गया है कि प्रत्येक व्यक्ति जिसे आयकर अधिनियम के तहत अपना पैन प्रस्तुत करना या उद्धृत करना आवश्यक है और जिसे पैन आवंटित नहीं किया गया है, लेकिन उसके पास आधार संख्या है, वह पैन के बदले बायोमेट्रिक आईडी प्रस्तुत कर सकता है।

Share
Copyright2017©Spot Witness Times. Designed by MTC, 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.