February 5, 2026

उत्तराखंड : प्रदेश के केबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने शनिवार को गढ़ी कैंट स्थित पर्यटन विकास परिषद कार्यालय में वेडिंग डेस्टिनेशन, टिहरी झील निर्माण कार्य, हनोल, टिम्मरसैंण, कार्तिकेय स्वामी, गंगोत्री-यमुनोत्री आदि के मास्टर प्लान के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की। उन्होंने समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों से कहा कि वह राज्य में चिन्हित पौराणिक मंदिरों को विकसित करने के लिए मानसखंड मंदिर माला की तरह ही केदारखण्ड मंदिर माला मिशन भी बनाये ताकि श्रृद्धालुओं को बेहतर सुविधाओं के अलावा इन प्राचीन और पौराणिक मंदिरों के दर्शनों का लाभ भी मिल सकें।

समीक्षा बैठक के पश्चात जानकारी देते हुए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि जनपद देहरादून स्थित महासू देवता मन्दिर के विकास हेतु मास्टर प्लान के अन्तर्गत 02 चरणों में रू0 61.00 करोड और रू0 50.00 करोड़ अर्थात कुल रू0 111.00 करोड़ के कार्य प्रस्तावित किये गये हैं। जबकि महासू देवता मंदिर की सूसज्जा और प्रकाश व्यवस्था के अन्तर्गत रू0 94.36 लाख की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गयी है। उन्होंने कहा कि जनपद टिहरी झील के आसपास के विकास हेतु एशियाई विकास बैंक एडीबी ने 601.204.00 करोड की फंडिंग को मंजूरी दे दी है। जिसके अन्तर्गत कोटी कॉलोनी से डोबरा चांटी ब्रिज तक 15.7 किमी लंबी पर्यटन सड़क जिसमें समर्पित साइक्लिंग ट्रैक, व्यू पॉइंट, समर्पित हॉकर क्षेत्र तथा कोटि कॉलोनी से तिवार गांव तक 450 मीटर लंबा ग्लास बॉटम पैदल यात्री सस्पेंशन ब्रिज आदि बनाया जायेगा।

श्री महाराज ने कहा कि जनपद चमोली स्थित टिम्मरसैण महादेव मन्दिर के विकास हेतु शासन द्वारा रू0 7.95 करोड़ की राशि अनुमोदित की गयी है। गंगोत्री तथा यमुनोत्री धाम के सुनियोजित विकास हेतु ड्राफ्ट मास्टर प्लान तैयार किया जा चुका है। कैरेवन पार्क बनाने के भी निर्देश दिये गये हैं। रूद्रप्रयाग स्थित श्री कार्तिक स्वामी मन्दिर पैदल मार्ग पर विभिन्न सुविधायें विकसित करने हेतु जिला पर्यटन विकास अधिकारी, रूदप्रयाग को विस्तृत प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिये गये हैं। गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी दिनांक 15 मई, 2024 को कार्तिक स्वामी मन्दिर में 108 बालमपुरी शंख पूजा कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें तमिलनाडु के मुरूगन मन्दिरों के प्रतिनिधि सम्मिलित हुये।

पर्यटन मंत्री ने बताया कि देहरादून से मसूरी रू0 285.00 करोड़ की लागत से 5.5 कि०मी० लम्बी रोप-वे परियोजना का निर्माण कार्य गतिमान है। जानकी चट्टी से यमुनोत्री रू0166.81 करोड़ की लागत से 3.85 कि0मी0 लम्बी रोप-वे परियोजना में निजी निवेशक की नियुक्ति की जा चुकी है, जिसके द्वारा सर्वे आदि का कार्य गतिमान है। पूर्णागिरी रोप वे रू0 35.00 करोड़ की लागत से 903 मी० लम्बी रोप-वे परियोजना का निर्माण कार्य गतिमान है। राज्य सरकार द्वारा राफ्टिंग को प्रचारित-प्रसारित करने हेतु गंगा नदी के अतिरिक्त अन्य नदियों में राफ्टिंग ऑपरेटरों हेतु शुल्क माफी की घोषणा की गयी है, जिससे अलकनन्दा, टॉस, शारदा, रामगंगा आदि नदियों में भी राफ्टिंग गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके। राज्य में पैराग्लाईडिंग ट्रेनिंग को बढ़ावा देने हेतु टिहरी में पैराग्लाईडिंग ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाये जा रहे हैं, जिसमें राज्य के युवाओं को निःशुल्क पैराग्लाईडिंग प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

समीक्षा बैठक में पर्यटन विभाग के एसीईओ युगल किशार पंत, श्रीमती पूजा गब्यर्याल, हरीश रड़‌तालिया, श्रीमती पूनम चांद, दीपक खण्डू‌री, सुमित पंत, एस एस संमत, विजय भट्ट आदि अधिकारी मौजूद थे।

Like Manaskhand Temple Mala, Kedarkhand Temple Mala Mission should also be made to develop mythological temples: Satpal Maharaj Cabinet Minister.Like Manaskhand Temple Mala, Kedarkhand Temple Mala Mission should also be made to develop mythological temples: Satpal Maharaj Cabinet Minister.

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