June 24, 2026

नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सदन में झारखंड एवं बिहार के राजनीतिक उठा पटक, अग्निपथ योजना सहित महिला पहलवानों का मामला उठाया।

दिल्ली, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सदन में झारखंड एवं बिहार के राजनीतिक उठा पटक का मामला राज्यसभा में उठाया। नेता प्रतिपक्ष खड़गे ने सभापति जगदीप धनखड़ से सवाल किया कि,जब झारखण्ड के मुख्यमंत्री ने इस्तीफा दिया तो उन्होंने नए मुख्यमंत्री के नाम समेत सपोटर्स की लिस्ट दी। वैसे तो लिस्ट देने के बाद तुरंत बुलाकर ‘वोट ऑफ कॉन्फिडेंस’ लिया जाता है, लेकिन इस केस में ‘वोट ऑफ कॉन्फिडेंस’ लेने के लिए 10 दिन का समय दिया गया है।

वहीं दूसरी तरफ जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने इस्तीफा दिया था, तो उधर उनको तुरंत शपथ ग्रहण करा दिया गया। ये लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई जा रही है, जो बेहद शर्मनाक है।

खड़गे ने अग्निपथ योजना पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए बताया कि, हाल ही में जनरल एमएम नरवणे जी ने बताया कि ‘अग्निपथ योजना’ में 75% लोगों को लेना था और 25% लोगों को रिलीज करना था। लेकिन आज स्थिति उल्टी हो गई है। आज इस योजना में 25% रिटेंशन और 75% रिलीज किया जा रहा है। वहीं बिना किसी से सलाह लिए प्रधानमंत्री मोदी ने ये योजना वायुसेना और नौसेना पर भी लागू कर दी।

नेता प्रतिपक्ष ने मणिपुर हिंसा, महिला पहलवानोंऔर दलितों पर अत्याचार का मामला सदन में उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने सभापति का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा, विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है। महिला पहलवानों को न्याय नहीं मिला और जो अपराधी था, उसे बचाया गया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विशेष मुद्दों पर घंटों बोलते हैं, लेकिन मणिपुर में हिंसा, महिलाओं के अपमान और दलितों पर अत्याचार जैसे मामले में कुछ नहीं बोलते।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा सभापति से कहा कि, भारतीय जनता पार्टी के एक मुख्यमंत्री कहते हैं,’ब्राह्णण, क्षत्रिय और वैश्य की सेवा करना शूद्र का कर्तव्य है।’। इस देश का जो मुख्यमंत्री ऐसी भाषा बोलता हो, उसे हटा देना चाहिए।

 

 

Share
Copyright2017©Spot Witness Times. Designed by MTC, 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.