June 24, 2026

भारत के चीफ ऑफ डिफेंसेज स्टाफ और थल, वायु और नौसेना प्रमुखों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से अवगत कराया 

Delhi, 14 May 2025

भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर होने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से बुधवार को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ सीडीएस जनरल अनिल चौहान और थल, वायु और नौसेना प्रमुखों ने मुलाक़ात की। इस दौरान सीडीएस ने भारत द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की विस्तृत जानकारी उन्हें दी। भारत ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत छह और सात मई की अर्धरात्रि को पाकिस्तान में 9 आतंकवादी ठिकानों को एयर स्ट्राइक से नेस्तनाबूद कर दिया गया।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत का एक सटीक सैन्य अभियान था, जिसे 6 और 7 मई की अर्धरात्रि में पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर अंजाम दिया गया। यह अभियान 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले के जवाब में किया गया, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद पूरा देश आक्रोशित था।

थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के. त्रिपाठी ने राष्ट्रपति को बताया कि कैसे तीनों सेनाओं के संयुक्त अभियान ने ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस ऑपरेशन को अत्यंत गोपनीयता से अंजाम दिया गया और सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर सीमापार आतंकी ठिकानों पर निशाना साधा गया। यह एक रणनीतिक और राजनीतिक रूप से संवेदनशील अभियान था, जिसमें नागरिक ठिकानों को कोई क्षति नहीं पहुँचाई गई।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकाने नष्ट कर दिए गए थे। इस हमले में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए और पाकिस्तान के आठ सैन्य बेस को भी भारी नुकसान पहुंचा। भारत के इस सैन्य कार्रवाई से पाकिस्तान ने सीजफायर की गुहार लगाई थी जिसके बाद संघर्ष बंद हुआ और सीमा पर शांति बहाल हुई।

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया, राष्ट्रपति ने आतंकवाद के खिलाफ जवाबी कार्रवाई में भारतीय सशस्त्र बलों की वीरता, समर्पण और दक्षता की सराहना की। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों ने एक बार फिर साबित किया है कि राष्ट्र की सुरक्षा सर्वोपरि है। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देशों को करारा जवाब देने में भारत सक्षम है। यह सिर्फ सैन्य नहीं, बल्कि कूटनीतिक मोर्चे पर भी एक सशक्त संदेश था।

 

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