June 28, 2026

बीपीएड-एमपीएड बेरोजगारों ने मांगी इच्छा मृत्यु

हल्द्वानी में बीपीएड और एमपीएड डिग्रीधारकों ने बेरोजगारी से परेशान होकर जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर इच्छा मृत्यु की मांग की क्योंकि वे पिछले 15 सालों से रोजगार के लिए संघर्ष कर रहे हैं और सरकार से सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं। उन्होंने नई शिक्षा नीति के तहत शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति में तेजी लाने की मांग की।

प्रदेश में वर्षों से बेरोजगारी की मार झेल रहे बीपीएड और एमपीएड डिग्रीधारक प्रशिक्षित युवाओं ने बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर जमकर रोष जताया। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। कहा कि यदि शीघ्र उनके लिए रोजगार की व्यवस्था नहीं की जाती है तो उन्हें इच्छा मृत्यु दी जाए।
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश चंद्र पांडे के नेतृत्व में पहुंचे प्रशिक्षित बेरोजगारों ने कहा कि पिछले 15 वर्षों से वे रोजगार की मांग को लेकर शासन-प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अब तक सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 में हर स्कूल में शारीरिक शिक्षक की नियुक्ति अनिवार्य की गई है, बावजूद इसके सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार और अधिकारी जानबूझकर उनकी उपेक्षा कर रहे हैं। बीपीएड डिग्रीधारकों को कभी विशिष्ट बीटीसी के जरिये प्राथमिक स्कूलों में नियुक्ति दी जाती थी, लेकिन 2006 के बाद से वह प्रक्रिया भी बंद कर दी गई। उन्होंने कहा कि लगातार उपेक्षा और बेरोजगारी ने उन्हें मानसिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया है। कई साथी आर्थिक तंगी के चलते अवसाद का शिकार हो चुके हैं।

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