प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग सहित छह महत्वपूर्ण समझौतों पर किए हस्ताक्षर,
Malasia , 08 February 2026,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मलेशिया की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। इस दौरान उन्होंने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ छह महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। समझौतों का उद्देश्य, आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को मजबूत करना है। प्रधानमंत्री श्री मोदी का आज मलेशिया के प्रधानमंत्री दोनों दातो सेरी अनवर इब्राहिम द्वारा पेरडाैना पुत्रा परिसर में स्वागत किया गया औरझ्औौ उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद, दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के आधिकारिक निवास, सेरी पेरडाना में सीमित और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर बातचीत की और 2024 में दोनों देशों के बीच स्थापित व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने भारत-मलेशिया के सदियों पुराने संबंधों और प्रगाढ़ हैं। नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी पज्ऍहलुओं की विस्तार से समीक्षा की, जिसमें व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, समुद्री सहयोग, स्वच्छ ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप, कृषि, शिऐक्षा, ने कहा स्वास्थ्य, आयुर्वेद, पर्यटन और संबंधों जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्र शामिल रहे। उन्होंने सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल की। नेताओं ने द्विपक्षीय डिजिटल काउंसिसांस्कृतिक के माध्यम से दोनों देशों के बीच डिजिटल सहयोग में हुई निरंतर प्रगति की सराहना की और फिनटेक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए यूपीआई और पे- बीच हुए समझौते का स्वागत किया।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने संसदीय और यूनिवर्सिटी एक्सचेंज के माध्यम से युवाओं के बीच जुड़ाव को मजबूत करने का आह्वान किया। इस संदर्भ में, उन्होंने भारत के नालंदा विश्वविद्यालय और यूनिवर्सिटी मलाया, तथा आईंआईटी मद्रास और मलेशिया की एडवांस्ड सेमीकंडक्टर एकेडमी के बीच चल रहे सहयोग का स्वागत किया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मलेशिया में भारत के पहले वाणिज्य दूतावास के खुलने से वाणिज्यिक और जन-संपर्क संबंधों को और मजबूती मिलेगी।
दोनों नेताओं ने आपसी हितों के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर अपने दृष्टिकोण साझा किए, जिनमें ग्लोबल गवर्नेंस सुधार, हिंद-प्रशांत क्षेत्र और बढ़ती भारत-आसियान साझेदारी शामिल रही। प्रधानमंत्री ने एआईटीआईजीए की समीक्षा को जल्द से जल्द पूरा करने का आह्वान किया।
