कुंभ के कार्यों की डेडलाइन तय, मुख्यमंत्री धामी ने की मेले की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को कुंभ मेले की तैयारियों की समीक्षा के लिए बैठक की। साथ ही अक्तूबर तक कुंभ से संबंधित सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए। यही नहीं उन्होंने कार्यों को गति देने के लिए 24 घंटे में तकनीकी अधिकारियों की तैनाती करने को कहा है। शासन के अफसरों को स्पष्ट किया कि कुंभ के कार्यों में कोई लापरवाही न बरती जाए।
सचिवालय स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार में कुंभ मेले की तैयारियों के सम्बन्ध में आयोजित बैठक में सीएम ने कहा कि कुंभ की आवश्यकताओं को देखते हुए सभी प्रकार के निर्माण कार्य तय समय के अंदर पूरे हों। इसमें गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। शासन स्तर पर कुंभ से संबंधित कोई भी कार्य, फाइल लंबित न रहे। किसी भी कार्य को लंबित रखने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेले का भव्य, दिव्य और सफल आयोजन सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने सचिव, लोक निर्माण विभाग को अगले 24 घंटे के अंदर कुंभ मेले के लिए टेक्निकल पद के अधिकारियों की तैनाती के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ क्षेत्र में बने सभी पुलों का ऑडिट किया जाए। साथ ही कुंभ क्षेत्र में स्थित सभी घाटों का सौंदर्यकरण और आवश्यकता अनुसार पुनर्निर्माण कार्य भी किया जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए हरकी पैड़ी के साथ ही अन्य सभी घाटों में स्नान की व्यवस्था की जाए। बैठक में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक मदन कौशिक, आदेश चौहान, रेनू बिष्ट, अनुपमा रावत, रवि बहादुर, उत्तराखंड अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव एल फैनई, आरके सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, सचिव नितेश झा, कुंभ मेलाधिकारी सोनिका सिंह आदि मौजूद रहे।
स्वच्छता की विस्तृत कार्ययोजना बनाएं
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मेला क्षेत्र की स्वच्छता के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। प्रमुख स्थानों पर शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था हो। पर्याप्त मात्रा में सुरक्षा बलों, जल पुलिस की तैनाती हो। साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर ड्रोन, सीसीटीवी एवं अन्य आधुनिक उपकरणों का उपयोग भी हो। उन्होंने कहा मेले के दौरान कानून व्यवस्था, पार्किंग, भीड़ प्रबंधन की विस्तृत कार्य योजना अलग से बनाई जाए।
अखाड़ों की भूमि आवंटन की निगरानी करें मेलाधिकारी, अतिक्रमण हटाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेला क्षेत्र में विभिन्न अखाड़ों को भूमि आवंटन तय समय पर किया जाए। इसकी मेलाधिकारी स्वयं मॉनिटरिंग करें। साथ ही सभी अखाड़ों, मठों, संत समाज, संस्थाओं, समितियाें एवं स्थानीय लोगों से परस्पर समन्वय किया जाए। उनके सुझावों के अनुरूप मेले की तैयारी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कुंभ के दौरान लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसके लिए व्यापक स्तर पर अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जाए
धरातल पर दिखे कुंभ से संबंधित विकास कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन संबंधित मामलों पर जल्द अनुमति ली जाए। अधिकारियों को अन्य प्रदेशों से भी परस्पर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। कहा, मेले से संबंधित सभी विकास कार्य कागजों के साथ धरातल पर भी दिखाई देने चाहिए। आवास व टेंट सिटी की तैयारी समय से पूरी करने एवं मेला क्षेत्र में अस्थायी अस्पताल, एम्बुलेंस व मोबाइल चिकित्सा दल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कुंभ मेला हमारी संस्कृति, आस्था और करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ा धार्मिक आयोजन है। इस आयोजन को सफल बनाना हम सभी का कर्तव्य है। जो भी श्रद्धालु राज्य में आए वह अच्छा अनुभव यहां से लेकर जाएं।
