February 10, 2026

ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार कांवड़ यात्री चंडी पुल से जाने की जिद पर अड़े, पुलिस कर्मियों से झड़प

शारदीय कांवड़ यात्रा जैसे-जैसे अपने चरम की ओर बढ़ रही है, वैसे-वैसे हरिद्वार–नजीबाबाद हाईवे पर शिवभक्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। आज कांवड़ यात्रियों का एक जत्था निर्धारित रूट को मानने से इनकार करते हुए चंडी पुल से जाने की जिद पर अड़ गया। इस पर विवाद हो गया

ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार कांवड़ यात्रियों का एक जत्था निर्धारित रूट को मानने से इनकार करते हुए चंडी पुल से जाने की जिद पर अड़ गया। इस पर पुलिस कर्मियों और श्रद्धालुओं के बीच नोंकझोंक हो गई। समझा-बुझाकर किसी तरह फिर दूसरे रूट से ही उन्हें भेज दिया गया। इस बीच हाईवे पर जाम की स्थिति भी बन गई।

सोमवार को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सवार होकर आए कांवड़ यात्री तिरछे पुल पर पहुंचे। पुलिस ने उन्हें सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के तहत पूर्व निर्धारित मार्ग से जाने के निर्देश दिए लेकिन वह चंडी पुल की ओर से सीधे हरिद्वार शहर में प्रवेश करने की जिद पर अड़ गए। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें काफी देर तक समझाने का प्रयास किया और रूट डायवर्जन का हवाला दिया

बीच ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के बीच सड़क पर खड़े होने के कारण अंजनी चेक पोस्ट पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्हें सुरक्षा कारणों और व्यवस्था का हवाला देते हुए बमुश्किल शांत कराया। कड़ी मशक्कत के बाद कांवड़ यात्रियों को तिरछे पुल से गौरीशंकर पार्किंग की ओर रवाना किया गया। चंडी चौकी प्रभारी नवीन चौहान ने बताया कि यात्रियों को भेजते हुए यातायात व्यवस्था दुरुस्त करा दी गई।
कांवड़ यात्रियों का उमड़ा जनसैलाब, स्वास्थ्य सेवाएं नदारद

शारदीय कांवड़ यात्रा जैसे-जैसे अपने चरम की ओर बढ़ रही है, वैसे-वैसे हरिद्वार–नजीबाबाद हाईवे पर शिवभक्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। केसरिया रंग में रंगे मार्ग पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब तो नजर आ रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाएं कहीं दिखाई नहीं दे रही हैं। पैदल चल रहे कांवड़ियों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझना पड़ रहा है और मजबूरी में उन्हें निजी अस्पतालों व क्लीनिकों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे जिला प्रशासन के स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर किए गए दावे खोखले साबित हो रहे हैं।

शारदीय कांवड़ यात्रा के पांचवें दिन हाईवे और कांवड़ मार्गों पर शिवभक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा है, लेकिन इतनी भारी भीड़ के बीच स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाएं पूरी तरह नदारद नजर आ रही हैं। पैदल चल रहे कांवड़ियों को पैरों में छाले, अत्यधिक थकान, बुखार, उल्टी, ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन हाईवे और कांवड़ मार्गों पर दूर-दूर तक कोई मेडिकल कैंप या स्वास्थ्य टीम तैनात नहीं दिखाई दे रही है।

स्थिति यह है कि आपातकालीन हालात में कांवड़ियों को उपचार के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। शासन-प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर किए गए दावे धरातल पर नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में कांवड़ यात्रियों को हाईवे से सटे गांवों में संचालित निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में इलाज कराना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग की इस उदासीनता के चलते अब यह बड़ा सवाल बन गया है कि क्या प्रशासन शिवभक्तों की सुविधा के लिए समय रहते स्वास्थ्य शिविरों की सुध लेगा।

 

पुलिस प्रशासन अलर्ट, चप्पे-चप्पे पर पहरा

कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। पुलिसकर्मी लगातार मोर्चा संभाले हुए हैं और व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। कांवड़ियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक डायवर्जन प्लान को सख्ती से लागू किया गया है। हाईवे पर पुलिस की गश्ती टीमें लगातार अलर्ट मोड पर हैं, जिससे यातायात व्यवस्था सुचारु बनी हुई है।

नीलेश्वर महादेव मंदिर में लगा भक्तों का तांता

श्यामपुर–नजीबाबाद मार्ग पर स्थित प्रसिद्ध नीलेश्वर महादेव मंदिर में सोमवार सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। शिवरात्रि के उपलक्ष्य में मंदिर की भव्य सजावट की गई। पूरे मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया, जबकि भगवान शिवलिंग का विभिन्न प्रकार के फलों और सुगंधित फूलों से आकर्षक शृंगार किया गया।

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