February 24, 2026

दिगंबर हत्याकांड का खुलासा; ढाई लाख रुपये को लेकर हुआ था विवाद, तीन दोस्तों ने पीट-पीटकर मार डाला

नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र में हुए दिगंबर धीमान हत्याकांड का रविवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। दिगंबर ने दोस्तों से ढाई लाख रुपये उधार लिए थे। दोस्त यही पैसे वापस करने का दबाव बना रहे थे। इसीलिए उन्होंने नौ फरवरी को दिगंबर को एक घर में बुलाया फिर अंदर बंदकर मारपीट की।

इस दौरान लोहे की रॉड से उसके सिर पर वार कर दिया। इससे दिगंबर की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए टैक्सी बुक की और लाश जंगल में रेत में दबा आए। पुलिस ने टैक्सी चालक राजनंदन निवासी पटेलनगर को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। उसी की निशानदेही पर चिडि़यापुर के जंगल से शव बरामद कर लिया था। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि 11 फरवरी को दिगंबर के पिता संतराम धीमान ने बसंत विहार थाने में अपने बेटे की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बताया था कि बसंत विहार थाने में पंजीकृत एक मामले में कोर्ट की तारीख से लौट के आने के बाद कहीं चला गया था।

पिता ने उसके कुछ दोस्तों पर शक जताया था जिनके साथ अक्सर बैठकर दिगंबर खाता-पीता था। जांच के दौरान पुलिस को दिगंबर के साथियों के एक साथ रात में टैक्सी से जाने की सूचना मिली। पुलिस ने टैक्सी की जानकारी प्राप्त करते हुए 17 फरवरी को उसके चालक राजनंदन निवासी न्यू पटेलनगर को हिरासत में लिया। उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसके नौ फरवरी की रात में टैक्सी से एक व्यक्ति के शव को कंबल में लपेटकर चिड़ियापुर के जंगल में ले जाकर फेंकने की बात स्वीकार ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस टीम ने दिगंबर के शव को बरामद करते हुए टैक्सी चालक राजनन्दन को गिरफ्तार कर लिया

इसके बाद गुमशुदगी को हत्या में तरमीम करते हुए हेमंत सेमवाल, आदिल, वैभव भट्ट उर्फ संजू के खिलाफ थाना बसंत विहार में प्राथमिकी दर्ज की गई। पूछताछ में दिगंबर धीमान के साथियों ने रेसकोर्स स्थित कमरे में उसकी हत्या किए जाने की बात कही। इसके बाद विवेचना को थाना नेहरू कालोनी स्थानांतरित किया गया। पुलिस आरोपियों की लगातार तलाश कर रही थी। शनिवार को पुलिस ने तीनों आरोपियों हेमंत सेमवाल, संजू और आदिल को आईएसबीटी के पास हरिद्वार बाईपास रोड से गिरफ्तार कर लिया। इनकी निशानदेही पर घटना में प्रयोग की गई स्टील की रॉड, लोहे के हथौड़े और मृतक को जूतों को नेपाली फार्म के पास पुल के नीचे से बरामद किया गया।

हेमंत ने पार्टी के बहाने बुलाया फिर तीनों ने मिलकर मारा
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दिंगबर ने उनसे ढाई लाख रुपये लिए थे जो वह वापस नहीं कर रहा था। नौ फरवरी को दिगंबर के कोर्ट की तारीख में आने की जानकारी मिली, जिस पर हेमंत ने उसे रेसकोर्स सी-ब्लॉक स्थित अपने घर पर बुलाया। वहां तीनों ने दिगम्बर के साथ बैठकर नशा किया। इस दौरान उन्होंने दिगंबर से अपने पैसे वापस मांगे तो उसने आनाकानी की। इसके बाद आरोपियों ने घर में रखी लोहे की रॉड, हथौड़े और पेचकस से वार किए। इससे उसे काफी गंभीर चोटें आई और ज्यादा खून बहने के कारण उसकी मृत्यु हो गई।

15 हजार में शव ठिकाने लगाने को तैयार हो गया टैक्सी चालक
दिगंबर की मौत हो जाने के बाद हेमन्त ने अपने परिचित टैक्सी चालक रामनन्दन को टैक्सी लेकर बुलाया। उसे घटना के बारे में बताते हुए शव को ठिकाने लगाने में मदद मांगी। शुरू में आनाकानी के बाद रामनंदन 15 हजार रुपये के लालच में शव को ठिकाने लगाने के लिए तैयार हो गया। इसके बाद चारों आरोपियों ने मृतक के शव को कंबल में लपेटकर उसे गाड़ी की डिग्गी में डालकर हरिद्वार की ओर ले गए। रास्ते में आरोपी घटना में प्रयुक्त लोहे ही रॉड, हथौड़ा और मृतक के जूतों को नेपाली फार्म से आगे पुल से नीचे नदी में फेंक दिया। मृतक के शव को चिडि़यापुर के जंगलों में ले जाकर नहर किनारे रेत में दबा दिया।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright2017©Spot Witness Times. Designed by MTC, 9084358715. All rights reserved. | Newsphere by AF themes.