भारत -इज़रायल के लिए संबंध गहरे विश्वास, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, और मानवीय संवेदनाओं की मजबूत आधारशिला पर स्थापित हैं: प्रधानमंत्री मोदी
Israel, 26 February 2026,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों भारत-इज़रायल के बीच बहुआयामी सामरिक साझेदारी को सुदृढ़ करने के लिए इज़राइल की दो दिवसीय यात्रा पर हैं। आज प्रधानमंत्री मोदी ने इज़राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, एक बार फिर इजरायल की ऐतिहासिक भूमि पर कदम मेरे लिए गर्व और भावुकता का क्षण है। कल मुझे इज़रायल की पार्लियामेंट को भी संबोधित करने का अवसर मिला। वहां मुझे स्पीकर ऑफ़ द नेसेट मेडल से भी सम्मानित किया गया। मैं इस सम्मान के लिए नेसेट, स्पीकर, प्रधानमंत्री नेतन्याहू, और इज़रायल के लोगों का हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ। और इसे 140 करोड़ भारतवासी और भारत-इज़रायल मित्रता को समर्पित करता हूँ।

श्री मोदी ने कहा, हमारे संबंध गहरे विश्वास, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, और मानवीय संवेदनाओं की मजबूत आधारशिला पर स्थापित हैं। उन्होंने जोर दिया कि, आज हमने अपनी टाइम टेस्टेड साझेदारी को “स्पेशल स्ट्रेटजिक पार्टनरशिप” का दर्जा देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यह निर्णय दोनों देशों के लोगों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। आज की बैठक में हमने अपने सहयोग को नई दिशा और तेज़ गति देने पर चर्चा की। हमारा आर्थिक सहयोग ग्रोथ इनोवेशन और शेयर्ड प्रोस्पेरिटी का इंजन बना हुआ है।आपसी निवेश को बढ़ावा देने के लिए हमने पिछले वर्ष द्वपक्षीय निवेश करार किया। हम शीघ्र ही एक पारस्परिक लाभ मुक्त व्यापारिक करार को भी अंतिम रूप देंगे।टेक्नोलॉजी हमारी भावी साझेदारी का केंद्र है। आज हमने क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप स्थापित करने का निर्णय लिया है। इससे कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम और क्रिटिकल मिनरल जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई गति मिलेगी।मुझे खुशी है कि इजरायल में यूपीआई के इस्तेमाल के लिए समझौता किया गया है। डिजिटल हैल्थ के क्षेत्र में भी हम अपने अनुभव साझा करते हुए लोगों के जीवन में सुधार लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा, रक्षा के क्षेत्र में हमारा दशकों पुराना विश्वसनीय सहयोग रहा है। पिछले वर्ष हुए एमओयू से इसमें नए आयाम जुड़ेंगे। हम मिलकर ज्वाइंट डेवलपमेंट जॉइंट प्रोडक्शन और ट्रांसफर ऑफ़ टेक्नोलॉजी की दिशा में आगे बढ़ेंगे। साथ ही हम सिविल न्यूक्लीयर एनर्जी और स्पेस जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग को आगे बढ़ाएंगे। इजरायल के सहयोग से भारत में स्थापित सेंटर्स ऑफ़ एक्सीलेंस आज हमारी मित्रता के उत्तम उदाहरण हैं। इनकी सफलता देखते हुए, हमने इनकी संख्या 100 तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस दिशा में एक कदम और बढ़ाते हुए हम विलेजर्स ऑफ़ एक्सीलेंस बनाने पर काम कर रहे हैं। इससे इजरायली टेक्नॉलजी, भारत के गाँव गाँव तक पहुँचेगी, और लाखों किसानों की आय और उत्पादकता में बहुत बढ़ोतरी होगी। हम मिलकर फ्यूचर-रेडी फार्मिंग सॉल्यूशन भी विकसित करेंगे। भारत में “इंडिया इजरायल इन्नोवेशन सेंटर फॉर एग्रीकल्चर की स्थापना इस सहयोग के लिए मजबूत आधार प्रदान करेगा। हमारे पीपल टू पीपल टाइज हमारे संबंधों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। 2023 में हुए मैनपॉवर मोबिलिटी एग्रीमेंट के माध्यम से भारत ने इजरायल के कंस्ट्रक्शन और केयर-गिवर सेक्टर्स में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। भारतीय कामगारों ने अपनी मेहनत, प्रतिबद्धता और कौशल से विश्वास अर्जित किया है।
वैश्विक आतंकवाद पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा भारत और इजरायल पूरी तरह से स्पष्ट हैं कि, आतंकवाद का दुनिया में कोई स्थान नहीं है। किसी भी रूप में, किसी भी अभिव्यक्ति में, आतंकवाद को स्वीकार नहीं किया जा सकता है। हम कंधे-से-कंधा मिलाकर आतंकवाद और उनके समर्थकों का विरोध करते रहे हैं, और आगे भी करते रहेंगे। पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता से भारत के सीधे सुरक्षा हित जुड़े हैं। इसलिए हमने शुरुआत से ही संवाद और शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन किया है। यही ग्लोबल साउथ और पूरी मानवता की पुकार है।
भारत की दृष्टिकोण स्पष्ट है: ह्यूमैनिटी मस्ट नेवर बिकम ए विक्टिम ऑफ कनफ्लिक्ट. गाज़ा पीस प्लान से शांति का एक रास्ता बना है। भारत ने इन प्रयासों का पूर्ण समर्थन किया है। भविष्य में भी हम सभी देशों के साथ संवाद और सहयोग जारी रखेंगे।
