August 8, 2026

नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में उत्तराखंड देश में पहले स्थान पर, दूसरे नंबर पर हरियाणा

नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तराखंड ने देश में पहला स्थान हासिल किया है। इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) 2.0 के राष्ट्रीय कार्यान्वयन में राज्य ने यह उपलब्धि प्राप्त की है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एससीआरबी) के (सीसीटीएन/आईसीजेएस) प्रोग्रेस डैशबोर्ड के जनवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड ने 93.46 अंक के साथ देश में पहला स्थान हासिल किया है।

 

हरियाणा 93.41 अंक के साथ दूसरे, असम 93.16 अंक के साथ तीसरे, सिक्किम 91.82 अंक के साथ चौथे और मध्य प्रदेश 90.55 अंक के साथ पांचवें स्थान पर है। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता ( बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) इन कानूनों के क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ लगातार समीक्षा बैठकें कीं।

कागजी काम कम हुआ
आईसीजेएस 2.0 के तहत वन डेटा, वन एंट्री व्यवस्था लागू की गई है। इसके जरिए पुलिस ( सीसीटीएनएस), ई-कोर्ट, ई-जेल, ई-अभियोजन और ई-फॉरेंसिक के बीच डेटा सीधे साझा हो रहा है। इससे कागजी काम कम हुआ है और मामलों के निस्तारण में तेजी आई है। साथ ही ‘ई-साक्ष्य’ ऐप के जरिए अपराध स्थल की वीडियोग्राफी और डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है।

प्रदेश में नए कानूनों को लेकर 23 हजार से अधिक पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा न्याय श्रुति के माध्यम से वर्चुअल सुनवाई और फॉरेंसिक मोबाइल वैन जैसी सुविधाओं को भी बढ़ावा दिया गया है। पुलिस महानिरीक्षक सुनील कुमार मीणा ने इस रैंकिंग की पुष्टि करते हुए कहा कि राज्य ने तकनीकी व्यवस्था लागू करने के साथ रीयल-टाइम डेटा एंट्री में भी बेहतर प्रदर्शन किया है।

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