उत्तराखंड के एक पूर्व सैनिक का देशसेवा मिशन, आठ साल में 300 से अधिक युवा बने फौजी
वर्दी पहनकर देश सेवा करना अधिकांश युवाओं का सपना होता है, लेकिन सही मार्गदर्शन और तैयारी के अभाव में कई युवाओं का यह सपना अधूरा रह जाता है। ऐसे युवाओं के लिए डीडीहाट क्षेत्र के एक पूर्व सैनिक उम्मीद की किरण बने हुए हैं।
तहसील मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर देवीसौना क्षेत्र के मोगड़ा गांव निवासी प्रवीण सिंह कन्याल युवाओं को निश्शुल्क सेना भर्ती का प्रशिक्षण देकर उन्हें देश सेवा के लिए तैयार कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में बीते आठ वर्षों में 300 से अधिक युवा सेना, अर्द्धसैनिक बलों और पुलिस में भर्ती होकर देश सेवा कर रहे हैं। प्रवीण सिंह कन्याल वर्ष 2017 में तीन कुमाऊं रेजिमेंट से सेवानिवृत्त होकर अपने गांव लौटे थे।
गांव आने के बाद उन्होंने देखा कि क्षेत्र के कई युवा नशे की लत में फंस रहे हैं और खेलकूद से दूर होते जा रहे हैं। इसी कारण वे सेना भर्ती की शारीरिक परीक्षा में भी असफल हो रहे थे। इस स्थिति को देखते हुए उन्होंने युवाओं को सही दिशा देने का संकल्प लिया।
इसके बाद वह अपने गांव से करीब 12 किलोमीटर दूर डीडीहाट के जीआइसी मैदान में सुबह और शाम युवाओं को निश्शुल्क शारीरिक प्रशिक्षण देने लगे। धीरे-धीरे उनके प्रशिक्षण समूह में युवकों के साथ-साथ युवतियों की संख्या भी बढ़ने लगी।
वर्तमान में वह डीडीहाट नगर में रहकर युवाओं को नियमित और कड़ी ट्रेनिंग दे रहे हैं तथा उनमें देश सेवा का जज्बा जगा रहे हैं। हाल ही में बनबसा में आयोजित अग्निवीर भर्ती योजना की भर्ती रैली में उनके प्रशिक्षण से तैयार 31 युवाओं ने शारीरिक दक्षता परीक्षा पास की।
अब तक उनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके 358 युवा सेना, अर्द्धसैनिक बलों और पुलिस में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, जो क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गया है।
