ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच युद्ध थमा: दो हफ्ते का सीजफायर:होर्मुज स्ट्रेट खोला गया,
Delhi, 08 April 2026,
ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच पिछले 40 दिनों से चल रहे घमासान युद्ध के बाद आज दो हफ्ते के सीजफायर पर आखिरकार सहमती बन गई है। बुधवार को ट्रंप की डेडलाइन से पहले ईरान ने 10 सूत्रीय योजना की पेशकश की, जिस पर अमेरिका राजी हो गया। वहीं चीन ने ईरान को आश्वासन दिया कि सीजफायर के बाद वह ईरान के पुनर्निर्माण में मदद करेगा और प्रतिबंध हटाने में भी साथ देगा। इस सीजफायर के तहत होर्मुज स्ट्रेट फिर खोला जाएगा और ईरान-ओमान मिलकर जहाजों से टोल वसूलेंगे। ईरान इस पैसे से युद्ध क्षति की मरम्मत करेगा। डोनाल्ड ट्रंप ने इसे महत्वपूर्ण कदम बताया, लेकिन साफ कहा कि अगर ईरान शर्तें नहीं मानेगा तो हमला फिर शुरू हो जाएगा.
एक तरफ दुनिया शांति और सीजफायर (युद्ध विराम) की उम्मीद कर रही थी, वहीं इजराइल ने कड़ा रुख अपना लिया है। आईडीएफ चीफ जनरल ज़मीर ने साफ शब्दों में कहा है कि वे हिजबुल्लाह पर हमले जारी रखेंगे। उनका कहना है कि जब तक इजराइल के उत्तरी हिस्से में रहने वाले नागरिक सुरक्षित महसूस नहीं करते, तब तक सेना पीछे नहीं हटेगी। इजराइल ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी दबाव में आकर अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा। इजराइल का मुख्य निशाना हिजबुल्लाह की सबसे ताकतवर ‘रादवान फोर्स’ है। यह हिजबुल्लाह की एलीट यूनिट मानी जाती है, जो गोरिल्ला युद्ध में माहिर है। आईडीएफ ने उनके नेवल एरे (समुद्री यूनिट) और हवाई यूनिट के ठिकानों को भी बर्बाद कर दिया है। इजराइल का मानना है कि इन ठिकानों से ही हमास की मदद के लिए मिसाइलें दागी जा रही थीं। इन खास ठिकानों के नष्ट होने से हिजबुल्लाह की ताकत को बड़ा झटका लगा है।
इन सबके बीच ईरानी नौसेना ने होर्मुज के पास मौजूद जहाजों को चेतावनी जारी की है। आईआरजीसीI ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट पार करने के लिए उन्हें अभी भी ईरान की अनुमति की जरूरत लेनी पड़ेगी। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी नौसेना ने रेडियो के जरिए जाहाजों को चेतावनी दी है अनुमति के गुज़रने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को नष्ट कर दिया जाएगा।
