May 8, 2026

उत्तराखंड सरकार की फिल्म नीति रंग लाई, “फायर वॉरियर्स” फिल्म को मिला अंतरराष्ट्रीय पहचान

फायर वॉरियर्स को प्रतिष्ठित वेव्स इंटरनेशनल शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल 3.0 के तीसरे संस्करण में आधिकारिक प्रदर्शन के लिए चुना गया है। “सिनेमैटिक वेव्स का उत्सव” थीम पर आधारित यह फिल्म फेस्टिवल 7 से 10 मई 2026 तक पणजी स्थित एंटरटेनमेंट सोसाइटी ऑफ गोवा में आयोजित किया जा रहा है।

यह फिल्म उत्तराखंड के जंगलों, वन रक्षकों और प्रकृति संरक्षण की सच्ची कहानियों पर आधारित एक मार्मिक प्रस्तुति है। फिल्म का निर्देशन महेश भट्ट ने किया है और इसकी कहानी टी.आर. बीजू लाल की वास्तविक डायरी से प्रेरित है। टी.आर. बीजू लाल उत्तराखंड में सेवारत वन अधिकारी हैं, जिन्होंने दो दशकों तक जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उत्तराखंड के जंगलों की सच्ची कहानी

फिल्म की शूटिंग रामगढ़, महेश खान, टैगोर टॉप और बिनसर वन्यजीव अभयारण्य के मनमोहक प्राकृतिक स्थलों पर की गई है। 29 मिनट की यह फिल्म ‘जल, जंगल और जमीन’ की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे वन कर्मियों और ग्रामीणों की बहादुरी, त्याग और समर्पण को पर्दे पर उतारती है।

फिल्म अल्मोड़ा जिले के प्रसिद्ध ‘शीतलाखेत मॉडल’ से भी प्रेरित है, जहां स्थानीय ग्रामीण ‘ओण दिवस’ मनाकर सामूहिक रूप से जंगलों को आग से बचाने का अभियान चलाते हैं।

बिनसर अग्निकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि

‘फायर वॉरियर्स’ वर्ष 2024 में बिनसर वन्यजीव अभयारण्य अग्निकांड में जान गंवाने वाले पांच लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि भी है। फिल्म उन गुमनाम नायकों की कहानी सामने लाती है जो हर साल जंगलों को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं।

प्रतिभाशाली टीम ने दिया फिल्म को आकार

Star Fortune Movies और Reality Films के सहयोग से बनी इस फिल्म में सिनेमैटोग्राफर मनोज सती, एडिटर आयुष्मान और संगीत निर्देशक मान चौहान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। फिल्म का कार्यकारी निर्माण संजय मैठाणी और क्रिएटिव प्रोडक्शन ऋतुराज द्वारा किया गया है।

फिल्म की प्रोडक्शन टीम ने कहा कि वेव्स इंटरनेशनल शॉर्ट फिल्म फेस्टिवल में चयनित होना उनके लिए गर्व का क्षण है। उनके अनुसार यह फिल्म उन वन रक्षकों और गुमनाम नायकों को समर्पित है जो जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए हर दिन संघर्ष करते हैं।

फिल्म के जरिए उत्तराखंड के जंगलों, पर्यावरण संरक्षण और वन कर्मियों के संघर्ष की कहानी अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचेगी।

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